ईश्वर सर्वव्यापी केवल मंदिर या मस्जिद तक सीमित न समझें : संत गणेश बाबा
जलालगढ़, एक संवाददाता। प्रखंड स्थित किला के समीप सत्संग आश्रम में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन कार्यक्रम में महर्षि के शिष्य संत गणेश बाबा ने श्रद्धालु

जलालगढ़, एक संवाददाता। प्रखंड स्थित किला के समीप सत्संग आश्रम में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन कार्यक्रम में महर्षि के शिष्य संत गणेश बाबा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी हैं और उन्हें केवल मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या किसी विशेष पूजा स्थल तक सीमित नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा प्रत्येक जीव, प्रत्येक प्राणी और सृष्टि के कण-कण में विद्यमान हैं। अपने प्रवचन में संत गणेश बाबा ने कहा कि पूजा, जप, तप और साधना का मूल उद्देश्य ईश्वर की अनुभूति और आत्मिक शांति प्राप्त करना है। यदि मनुष्य यह सोचता है कि भगवान केवल किसी एक स्थान विशेष में ही निवास करते हैं, तो यह उसकी सीमित और संकीर्ण सोच का परिचायक है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से बाहरी आडंबरों और दिखावे से ऊपर उठकर अपने अंतर्मन में ईश्वर को खोजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का मूल संदेश प्रेम, करुणा, सेवा और मानवता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करना चाहिए तथा समाज में भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। संत ने कहा कि ईश्वर की सच्ची आराधना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छे कर्म, मानव सेवा, परोपकार और जरूरतमंदों की सहायता में भी ईश्वर की उपासना निहित है। प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं ने संत के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। संध्या बेला में गुरु आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। गुरु के जयघोष और भजन-कीर्तन से पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।


