वर्तमान शिक्षा प्रणाली में सफलता भी बदलनी होगी परिभाषा
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सिविल लाइन में ‘शिक्षक संस्कार एवं संस्कृति का आधार’ विषय पर आध्यात्मिक संवाद आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता लता बहन ने शिक्षा में मूल्यनिष्ठता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों को संतोष और आचरण पर ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सिविल लाइन में आध्यात्मिक संवाद का आयोजन किया गया। इसका विषय ‘शिक्षक संस्कार एवं संस्कृति का आधार’रहा। मुख्य वक्ता दिल्ली से आईं ब्रह्माकुमारी लता बहन रहीं। उन्होंने कहा मूल्यनिष्ठ समाज के लिए आज की शिक्षा प्रणाली में केवल अचीवर्स ही नहीं, सफलता की भी परिभाष बदलनी होगी। हमें स्कोर को ही नहीं, लेकिन वैल्यू को भी मार्कस देने होंगे। उन्होंने कहा जिस प्रकाश कक्षा में जाने से पहले जैसे चेहरा देख लेते हैं उसी प्रकार अंतर्मन भी देख लेना चाहिए। उन्होंने बताया शिक्षक की मूल धारणा ज्ञान का सिस्टम बदलने की नहीं, आचरण भी प्रभाव डालने की होनी चाहिए।
सानिध्य मेरठ सब जोन इंचार्ज बीके आशा दीदी का रहा। मुख्य अतिथि डा. अनुज रहे। बीके आशा दीदी सहित बीके रीना दीदी, बीके मनोज, बीके शिवम, बीके नितेश और बीके सुजाता आदि रहीं।


