मानव शरीर ईश्वर का सबसे बड़ा वरदान: पंकज महाराज
जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज महाराज ने मथुरा में 108 दिवसीय शाकाहार-सदाचार यात्रा के दौरान मानव जीवन की महत्ता और प्रभु की भक्ति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संत महात्मा समाज में कुरीतियों को समाप्त कर, लोगों का उद्धार करते हैं। इस आयोजन में कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए।

चील्ह, हिन्दुस्तान संवाद। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत पंकज महाराज 108 दिवसीय शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध एवं आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा के दूसरे पड़ाव पर शुक्रवार की शाम पटेहरा पहुंचने पर भाई-बहनों ने बैण्डबाजा के साथ स्वागत किया।
संत का संदेश
सत्संग समारोह में पंकज महाराज ने कहाकि मानव शरीर की प्राप्ति भगवान का सबसे बड़ा वरदान है। लेकिन कुछ लोगों ने इस किराये के मकान को अपने कर्मों से गन्दा कर दिया। इससे कुदरत नाराज है और सजा देने के लिये तैयार है। संत महात्मा आपको सांसारिक परेशानियों से बचा कर अपने सच्चे घर सतलोक ले जाने के लिये आते हैं। कबीर साहब, रविदास, नानक साहब, भीखा साहब, दादू, दरिया, मीरा बाई, सूरदास, तुलसी दास महाराज, सहजोबाई, जगजीवन, राधा स्वामी आदि महापुरुषों ने इस धराधाम पर अवतरित होकर अनेक लोगों का उद्धार किया।
मानव जीवन का उद्देश्य
संत स्वरूप जब धरती पर आते हैं तो मानव को इस मनुष्य शरीर की महत्ता को समझा कर मन को, बुद्धि को, चित्त को तथा अन्तःकरण को साफ और स्वच्छ करते हैं। तब मनुष्य में विवेक जागृत होता है और वह सांसारिक व्यसनों से दूर होकर प्रभु के भजन में लग जाता है। यही मानव जीवन का श्रेष्ठतम उद्देश्य भी है। हमारे गुरु परम संत बाबा जयगुरुदेव ने देश में घूम घूम कर करोड़ों लोगों का खानपान सुधार कर, उनसे भगवान का भजन कराके उन्हें सच्चा इंसान बना दिया।
साधना का महत्व
संत सामाजिक कुरीतियों को भी दूर करते हैं और जीते जी प्रभु की भक्ति कराके उनका आत्म कल्याण भी करते हैं। अगर आप सुख शान्ति पाना चाहते हैं तो सुमिरन की साधना करें, नाम की कमाई करें। यह साधन गृहस्थी में रहकर किया जा सकता है और चौबीस घण्टे में घण्टा दो घण्टा सुमिरन, ध्यान, भजन करके स्वतः अनुभव किया जाता है। महाराज जी ने नामदान देकर तीनों क्रियाओं को विस्तार से समझाया। इस मौके पर संस्था के जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, अनिल कुमार सिंह ब्लॉक प्रमुख,मोतीलाल सिंह, आयोजक शिवरतन पाल, रामखेलावन यादव, हरीश चन्द, सतीश यादव एवं सहयोगी संगत उत्तरी हरदोई के अनिल कुमार, महेन्द्र पाल तथा कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक यादव, राहुल सिंह का विशेष सहयोग रहा। चौधरी यादव, दिनेश सिंह, हरेन्द्र प्रताप सिंह, अजय सिंह, मनोज सिंह, प्रशान्त कुमार सिंह, भानू प्रताप सिंह, अखिलेश सिंह, प्रमोद सिंह, टुनटुन सिंह आदि मौजूद रहे।


