हाई रिस्क गर्भवतियों का सरकारी अस्पताल में कराएं प्रसव-डॉ. अरुण
मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में 47 एएनएम के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अधीक्षक डॉ. अरुण तिवारी ने मातृत्व सुरक्षा, संस्थागत प्रसव और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने जागरूकता बढ़ाने और सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जताई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिराथू में मंगलवार को अधीक्षक डॉ. अरुण तिवारी के निर्देशन में अस्पताल में कार्यरत 47 एएनएम के साथ विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षित मातृत्व, संस्थागत प्रसव और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधीक्षक ने एएनएम से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में लगातार संपर्क बनाए रखें और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें तथा उनके परिजनों को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करें। झोलाछाप चिकित्सकों या दाई के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आएं, जहां अल्ट्रासाउंड, ब्लड जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख आवश्यक दवाएं, सीजर ऑपरेशन और प्रसव के दौरान भोजन सहित सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं।
बैठक में मिसिंग डिलीवरी पर भी विशेष जोर दिया गया। अधीक्षक ने कहा कि कुछ लोग जानकारी के अभाव में घर या निजी स्थानों पर प्रसव करा लेते हैं, जिससे मां और नवजात दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है। आप सभी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सहित सरकार की सभी मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव से जच्चा और बच्चा दोनों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होती है। साथ ही चेतावनी दिया कि शासन की गाइडलाइन के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डब्लूएचओ व यूनिसेफ़ के सदस्य भी मौजूद रहे।


