हार जैसी कोई चीज नहीं, हम जीतते हैं या सीखते हैं: विद्यांशु
बाराबंकी में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत एक विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें आईएएस ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा ने छात्रों को यूपीएससी और यूपीपीएससी की तैयारी की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को मेहनत और सही संसाधनों के महत्व को समझाते हुए प्रेरित किया।
बाराबंकी, संवाददाता। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित राजकीय जिला पुस्तकालय में बुधवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (आईएएस) विद्यांशु शेखर झा ने छात्रों को यूपीएससी और यूपीपीएससी की तैयारी की रणनीति समझाई। उन्होंने अपने अनुभव और स्वयं के तैयार किए नोट्स साझा करते हुए छात्रों को विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के माध्यम से तैयारी करने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज की तैयारी केवल दिखावे या भौकाल के लिए नहीं करनी चाहिए। यह बेहद चुनौतीपूर्ण सेवा है, जिसमें सेवा भाव के साथ ही बेहतर योगदान दिया जा सकता है।
छात्रों को वास्तविक रूप से प्रेरित रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि दिखावे के प्रोत्साहन से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर लगातार काम करें।पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यांशु शेखर झा ने छात्रों को प्रश्नपत्र की बारीकियों, प्रश्नों को समझने और उन्हें हल करने की रणनीति समझाई। उन्होंने अधिक से अधिक पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने पर जोर दिया। साथ ही छात्रों को ‘नेवर क्विट’ एटिट्यूड अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में या तो हम जीतते हैं या सीखते हैं, हार जैसी कोई चीज नहीं होती। उन्होंने कहा कि सौ संसाधन पढ़ने के बजाय कुछ अच्छे संसाधनों को सौ बार पढ़ना अधिक उपयोगी है। उन्होंने छात्रों को निरंतर अभ्यास और सीमित लेकिन गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री पर भरोसा करने की सलाह दी। उन्होंने अभ्युदय योजना के छात्रों से आगे भी जुड़े रहकर उनका मार्गदर्शन करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास, अभिलाषा त्रिपाठी, कोर्स कोऑर्डिनेटर पीयूष श्रीवास्तव और पुष्पेंद्र मौजूद रहे।


