बीएयू में मृदा मानचित्रण के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
बिहार कृषि विवि, सबौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण कार्यक्रम का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह के निर्देशन में किया गया। प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकों एवं डिजिटल डेटा संग्रहण में दक्षता प्राप्त हुई।

भागलपुर, वरीय संवाददाता बिहार कृषि विवि (बीएयू), सबौर के मृदा विज्ञान विभाग स्थित रिमोट सेंसिंग और जीआईएस प्रयोगशाला में बुधवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण कार्यक्रम स्केल के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ।
प्रशिक्षण का पर्यवेक्षण
प्रशिक्षण डॉ. अंशुमान कोहली के पर्यवेक्षण में किया गया। आयोजन में डॉ. इंगले सागर नाडूलाल, डॉ. चंद्रभान पटेल, डॉ. भवानी प्रसाद मंडल तथा डॉ. विमल कुमार सहित अन्य सह-अन्वेषकों एवं परियोजना कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
तकनीकी सत्रों का संचालन
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्रों का संचालन डॉ. अंजनी कुमार द्वारा प्रतिभागियों को क्यूफील्ड, जो कि एक मुक्त स्रोत मोबाइल जीआईएस प्लेटफॉर्म है के माध्यम से डिजिटल फील्ड डेटा संग्रहण एवं मृदा सर्वेक्षण की आधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण से होने वाले लाभ
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण कार्यक्रम से जुड़े यंग प्रोफेशनल को क्यूजीआईएस परियोजनाओं को मोबाइल प्लेटफॉर्म के अनुरूप तैयार करना, क्यूफील्ड की स्थापना एवं कॉन्फिगरेशन, जीपीएस की सहायता से फील्ड लोकेशन तक पहुंचना, भू-संदर्भित मृदा अवलोकनों का रिकॉर्ड तैयार करना, स्थानिक एवं गुणात्मक डेटा का संपादन, फील्ड फोटोग्राफी, मानकीकृत डिजिटल अभिलेखों का संधारण तथा फील्ड डेटा का समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण का महत्व
आयोजकों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों की डिजिटल डेटा संग्रहण एवं भू-स्थानिक फील्ड संचालन संबंधी तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे राष्ट्रीय मृदा मानचित्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मृदा सर्वेक्षण कार्यों की सटीकता, दक्षता एवं मानकीकरण को और अधिक मजबूती मिलेगी।


