मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की छात्राओं को दी जानकारी
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, अड़की में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. प्रदीप कुमार ने मिट्टी स्वास्थ्य में सुधार और जैविक खेती पर जोर दिया। कार्यक्रम में 117 छात्राओं ने भाग लिया और मृदा परीक्षण के महत्व पर भी जानकारी प्राप्त की।

खूंटी, संवाददाता। पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, अड़की में शुक्रवार को आत्मा, खूंटी एवं कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के संयुक्त तत्वावधान में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली के प्रायोजन में हुआ। कार्यक्रम में केवीके खूंटी के डॉ. प्रदीप कुमार ने छात्राओं को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल उत्पादकता में सुधार के लिए मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग जरूरी है। जैविक खेती पर जोर देते हुए डॉ. प्रदीप ने बताया कि जैविक पदार्थों के उपयोग से मिट्टी के पीएच मान, जैविक पदार्थों की मात्रा और मृदा संरचना में सुधार किया जा सकता है।
इस अवसर पर आत्मा के उप परियोजना निदेशक शैलेश कुमार सिंकु ने छात्राओं को मृदा स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मृदा परीक्षण के महत्व, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता और जैविक खेती की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम में करीब 117 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मौके पर विद्यालय की वार्डन, प्रभारी बीटीएम संजय कुमार, किसान मित्र बिष्णु स्वांसी सहित अन्य उपस्थित थे।


