मिट्टी खोलेगी खेत की सेहत का राज, जांच के बाद किसानों को मिलेगा सॉइल कार्ड
मिट्टी खोलेगी खेत की सेहत का राज, जांच के बाद किसानों को मिलेगा सॉइल कार्ड

खेत की मिट्टी अब खुद बताएगी कि उसे किस पोषक तत्व की जरूरत है। मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के तहत किसानों के खेतों की मिट्टी के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद तैयार रिपोर्ट किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। सॉइल कार्ड में मिट्टी की स्थिति और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी दर्ज होगी। इसके आधार पर किसानों को फसल के अनुसार खाद और उर्वरक के संतुलित इस्तेमाल की सलाह दी जाएगी। इससे अनावश्यक उर्वरक के प्रयोग पर रोक लगेगी और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की वास्तविक जरूरत के अनुसार खेती के लिए प्रेरित करना है।
अधिकारियों के अनुसार मिट्टी की जांच के आधार पर पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार हो सकता है। किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड मिलने के बाद वे अपनी जमीन की सेहत के मुताबिक खेती की बेहतर योजना बना सकेंगे।


