Sohrabuddin Sheikh case: All 22 accused Policemen acquitted by Special CBI Cour - सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़: सबूतों के अभाव में 22 पुलिसकर्मी बरी, कोर्ट ने कहा-तुलसीराम प्रजापति की हत्या का आरोप सही नहीं DA Image

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सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़: सबूतों के अभाव में 22 पुलिसकर्मी बरी, कोर्ट ने कहा-तुलसीराम प्रजापति की हत्या का आरोप सही नहीं

एचटी फाइल फोटो

सोहराबुद्दीन शेख (Sohrabuddin Sheikh case)-तुलसीराम प्रजापति (Tulsiram Prajapati) कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 13 साल बाद सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने सभी 22 आरोपियों को बरी किया है। सीबीआई स्पेशल कोर्ट (Special CBI Court) ने कहा है कि षड्यंत्र के तहत तुलसीराम प्रजापति की हत्या की गई थी, यह आरोप सही नहीं है। पेश किए गए साक्ष्य और गवाह संतोषजनक नहीं।

सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी मशीनरी और अभियोजन पक्ष ने काफी कोशिश की, 210 गवाहों को पेश किया गया लेकिन संतोषजनक सबूत नहीं लाए गए।   

आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में आखिरी दलीलें पूरी किए जाने के बाद सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश एसजे शर्मा ने कहा था कि वह 21 दिसंबर को फैसला सुनाएंगे। ज्यादातर आरोपी गुजरात और राजस्थान के कनिष्ठ स्तर के पुलिस अधिकारी थे। अदालत ने सीबीआई के आरोपपत्र में नामजद 38 लोगों में 16 को सबूत के अभाव में आरोपमुक्त कर दिया था। 

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इस बीच, बुधवार को अभियोजन के दो गवाहों ने अदालत से दरख्वास्त की कि उनसे फिर से पूछताछ की जाए। इनमें से एक का नाम आजम खान है और वह शेख का सहयोगी था। उसने अपनी याचिका में दावा किया है कि शेख पर कथित तौर पर गोली चलाने वाले आरोपी एवं पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने उसे धमकी दी थी कि यदि उसने मुंह खोला तो उसे झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। एक अन्य गवाह एक पेट्रोल पंप का मालिक महेंद्र जाला है। अदालत दोनों याचिकाओं पर शुक्रवार को फैसला करेगी। 

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