बदलाव के वाहकों का हौसला बढ़ाएं
नई दिल्ली, जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन और श्वाब फाउंडेशन द्वारा आयोजित '17वें सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड इंडिया 2026' में सामाजिक उद्यमियों की भूमिका पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में 200 से ज्यादा व्यक्तियों में से पांच फाइनलिस्ट चुने गए, जिसमें निधि पंत को सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। सामाजिक बदलाव का वाहक बनने वाले उद्यमियों का हौसला बढ़ाने की जरूरत है। जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन और श्वाब फाउंडेशन द्वारा नई दिल्ली में शुक्रवार की शाम आयोजित '17वें सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड इंडिया 2026' कार्यक्रम में युवा उद्यमियों द्वारा लाए जा रहे बदलाव को कुछ इन्हीं शब्दों के साथ रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सदस्य और वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह ने भारत की विकास यात्रा में सामाजिक उद्यमियों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुकूल माहौल और व्यवस्था की जरूरत है, जो नवाचार आधारित समाधानों को बड़े स्तर पर विस्तार देने में मदद करें। इस अवार्ड के लिए देश भर से 200 से ज्यादा सामाजिक उद्यमियों में से पांच फाइनलिस्टों का चुनाव किया गया था। इनमें से साइंस फॉर सोसाइटी टेक्नो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की सह संस्थापक निधि पंत को सम्मानित किया गया。
उद्यमियों का हौसला बढ़ाना
जुबिलेंट भरतिया समूह के चेयरमैन एवं संस्थापक तथा जुबिलेंट भरतिया फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक श्याम एस भरतिया ने कहा कि सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर इंडिया अवार्ड का 17वां संस्करण सार्थक, टिकाऊ और दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव पैदा करने के साझा उद्देश्य वाले लोगों को एक मंच पर लाता है। उन्होंने कहा पिछले 17 सालों में श्वाब फाउंडेशन के साथ साझेदारी ने उद्यमियों के कार्यों को पहचान दिलाने में मदद की है।
सामाजिक उद्यमिता की ताकत
श्वाब फाउंडेशन फॉर सोशल इंटरप्रेन्योरशिप के निदेशक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की कार्यकारी समिति के सदस्य डॉ. फ्रांस्वा बोनिकी ने कहा कि इस वर्ष के फाइनलिस्ट नवाचार के जरिए जटिल सामाजिक चुनौतियों से निपटने की सामाजिक उद्यमिता की ताकत का उदाहरण हैं।
चुनौतियों को अलग नजरिए से देखना
जुबिलेंट इंग्रेविया की निदेशक और जुबिलेंट फूडवर्क्स की नॉन एक्जीक्यूटिव निदेशक आश्ती भरतिया ने कहा कि यह पुरस्कार बदलाव लाने के लिए आवश्यक प्रतिबद्धता और दृढ़ता पर विचार करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए केवल विचार, तकनीक और संसाधन ही पर्याप्त नहीं हैं बल्कि पुरानी चुनौतियों को अलग नजरिए से देखने का साहस, शुरुआत करने का विश्वास और लगातार आगे बढ़ने की क्षमता जरूरी है। अवार्ड समारोह में अंतिम सूची में स्थान बनाने वाली डॉ. नेहा वर्मा, नुनेसैनो चेज, विनय कुमार रेड्डी, विनीत सराइवाला को भी सम्मानित किया गया।


