सर्पदंश से हाथ-पैर में लकवा, हैलट में बची जान
कानपुर देहात में 30 वर्षीय सखी को सांप के डसने के बाद गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने वायुमार्ग सुरक्षित किया, श्वसन सहायता दी और एंटी-स्नेक वेनम दिया। चार दिन के गहन इलाज के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सांप के डसने के बाद कानपुर देहात की 30 वर्षीय सखी की हालत इतनी बिगड़ी कि उनकी पलकें गिर गईं, हाथ-पैरों में लकवे जैसे लक्षण उभर आए और सांस लेने में भी मुश्किल होने लगी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने तत्काल वायुमार्ग सुरक्षित कर श्वसन सहायता दी और एंटी-स्नेक वेनम देकर करीब चार दिन के गहन इलाज के बाद गंभीर स्थिति से बाहर निकाल लिया। इलाज करने वाले डॉ एसके गौतम ने बताया कि मरीज को बाएं हाथ में सर्पदंश के बाद अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उनकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति बिगड़ने लगी। होश में कमी के साथ दोनों पलकों का गिरना और दोनों हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया।
सांप काटने के छह घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचने पर सांस लेने में दिक्कत शुरू होने पर तत्काल सांस की नली डालकर श्वसन सहायता दी गई। संतोषजनक स्वास्थ्य लाभ के बाद महिला को गुरुवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।


