केंद्र का हिस्सा नहीं मिलने से अटक गया सैकड़ों कर्मियों को मानदेय
एसएनए-स्पर्श के लागू होने के बाद अनुबंधित कर्मचारियों का मानदेय समय पर नहीं मिल रहा है। पूर्वी सिंहभूम जिले में एएनएम, कंप्यूटर ऑपरेटर, होमगार्ड जैसी श्रेणियों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई बिल केंद्रांश की कमी से कैंसिल हो चुके हैं। सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया है।

एसएनए-स्पर्श के लागू होने के बाद से अनुबंध वाले कर्मचारियों की समस्या बढ़ गई है। उनका मानदेय अक्सर फंस रहा या कई-कई महीने के अंतराल पर मिल रहा है। इससे प्रभावित होने वालों में एएनएम, कंप्यूटर ऑपरेटर, होमगार्ड आदि शामिल हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला भी इस समस्या का शिकार है। यह समस्या उन योजनाओं से जुड़ी है जिसमें केन्द्र और राज्य दोनों का धन लगता है। इसके लागू होने के बाद राज्यांश के साथ जिलास्तर से बिल बनाकर ट्रेजरी को भेजा जाता है।
क्या है एसएनए स्पर्श
ट्रेजरी जांच कर उसे पारित कर देता है। परंतु उसका भुगतान लाभुक तक तब पहुंचता है जब समय पर केन्द्रांश भी उसमें जोड़ दिया जाए। अगर समय पर केन्द्रांश नहीं जुड़ा तो भुगतान फंस जाता है और अधिक समय बीतने पर बिल कैंसिल हो जाता है।
इस वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में करीब 50 बिल इसी वजह से कैंसिल हो गये थे, क्योंकि राज्यांश के साथ बिल बनाकर ट्रेजरी से पास कर दिया गया। परंतु समय पर केन्द्र सरकार की ओर से अंश राशि नहीं जोड़ी गई थी।
एसएनए-स्पर्श भुगतान पद्धति
एसएनए-स्पर्श भुगतान पद्धति केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत धनराशि के पारदर्शी, त्वरित और समय पर भुगतान की सरकारी प्रणाली है। यह सिंगल नोड्ल एजेंसी समयोचित एकीकृत शीघ्र हस्तांतरण प्रणाली है। इस प्रणाली में केंद्र सरकार की राशि पीएफएमएस के माध्यम से नियंत्रित होती है। राज्य सरकार की आइएफएमएस और दोनों को भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ा जाता है। भुगतान के समय ही सरकारी कोषागार से लाभार्थी, विक्रेता या कार्य एजेंसी के बैंक खाते में सीधे राशि भेजी जाती है।
इन योजनाओं में लागू है
इसे चरणबद्ध तरीके से विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं में लागू किया जा रहा है। कई राज्यों में शिक्षा, ग्रामीण विकास, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा आदि योजनाओं के भुगतान इसी मॉडल से किए जा रहे हैं।
पहले केंद्र की राशि राज्य के अलग-अलग खातों में रहती थी और वहीं से आगे भुगतान होता था। एसएनए-स्पर्श में भुगतान की प्रक्रिया डिजिटल रूप से एकीकृत है, जिससे सरकारी खजाने से सीधे अंतिम लाभार्थी या विक्रेता के खाते में राशि पहुंचती है। इससे भुगतान तेज, सुरक्षित और पूरी तरह ट्रैक करने योग्य बन जाता है।
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