चलते-चलते:::बिना किसी इंसानी मदद के जान बचाएगा डिवाइस

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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स्मार्ट डिवाइस बचाएगा ड्रग ओवरडोज से जान या ड्रग ओवरडोज का खुद इलाज करेगा स्मार्ट

 चलते-चलते:::बिना किसी इंसानी मदद के जान बचाएगा डिवाइस

स्मार्ट डिवाइस बचाएगा ड्रग ओवरडोज से जान या

ड्रग ओवरडोज का खुद इलाज करेगा स्मार्ट पैच

वर्जीनिया टेक के शोधकर्ताओं ने जीवनरक्षक तकनीक आईनैल पैच विकसित किया है

यह स्मार्ट पहननेवाली डिवाइस ओवरडोज रोकनेवाली दवा रिलीज कर देता है

फेंटानिल ओवरडोज से होनेवाली मौतों से बचाएगा डिवाइस

वर्जीनिया, एजेंसी। ड्रग ओवरडोज के मामलों में अक्सर मरीज की जान इसलिए चली जाती है क्योंकि समय पर उसे दवा देने के लिए आसपास कोई मौजूद नहीं होता। लेकिन अब अमरीका की वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो अकेले होने पर भी मरीज की जान बचा सकती है।

ऐसे काम करता है पैच

वैज्ञानिकों ने एक सिक्के के बराबर आकार का स्मार्ट वियरेबल पैच (आईनैल पैच) तैयार किया है, जो शरीर में फेंटानिल का पता चलते ही खुद-ब-खुद नालोक्सोन' दवा रिलीज कर देता है।

यह शोध अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका 'एडवांस्ड साइंस'में प्रकाशित हुई है। इस प्रोजेक्ट की अगुआई वर्जीनिया टेक के बायोलॉजिकल सिस्टम्स इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर वुजिन सन और इंस्ट्रक्टर पेंगहुई झाओ ने की है।

पैच की विशेषताएँ

सिक्के से भी छोटे इस स्मार्ट पैच में 121 माइक्रोस्कोपिक सुइयां लगी हुई हैं। जब इस पैच को त्वचा पर चिपकाया जाता है, तो ये सुइयां बिना दर्द या नुकसान के त्वचा के ठीक नीचे मौजूद द्रव तक पहुंच जाती हैं।

पैच के अंदर सिलिका के छोटे-छोटे कणों में नालोक्सोन (ओपिओइड रोधी दवा) भरी होती है। जैसे ही शरीर में फेंटानिल का स्तर खतरे के निशान से ऊपर जाता है पैच शरीर में नालोक्सोन छोड़ देता है।

फेंटानिल की मात्रा जितनी अधिक होगी, पैच उतनी ही ज्यादा दवा रिलीज करेगा।

बार-बार इस्तेमाल की क्षमता

कई बार फेंटानिल का असर शरीर में नालोक्सोन के असर से ज्यादा लंबा चलता है। पहली बार दवा का असर खत्म होने के बाद मरीज को दोबारा ओवरडोज के लक्षण आ सकते हैं। इस पैच को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एक ही बार में पूरी दवा खत्म नहीं करता। यदि शरीर में दोबारा फेंटानिल का स्तर बढ़ता है, तो पैच के बचे हुए छिद्र दोबारा खुलकर दवा की अगली खुराक रिलीज कर देते हैं।

चूहों पर सफल परीक्षण

प्रयोगशाला में लैब टेस्ट और चूहों पर किए गए परीक्षणों में बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं। फेंटानिल के संपर्क में आते ही पैच ने कुछ ही मिनटों में काम करना शुरू कर दिया।

चूहों में फेंटानिल दिए जाने पर पैच ने कम से कम तीन अलग-अलग बार दवा रिलीज करके ओवरडोज के लक्षणों को सफलतापूर्वक रोका।

त्वचा पर किसी भी तरह की जलन या दुष्प्रभाव के संकेत नहीं मिले।

ओवरडोज बड़ी समस्या

अक्सर डॉक्टर मरीजों को दर्द से राहत के लिए ओपिओइड दवाएं लिखते हैं, लेकिन गलती से या भूलवश ज्यादा खुराक लेने से ओवरडोज हो जाता है। प्रोफेसर वुजिन सन के अनुसार, यह पैच दर्द की दवा को रोकने के लिए नहीं, बल्कि अनजाने में होने वाले ओवरडोज से जान बचाने वाले टूल के रूप में काम करेगा। फिलहाल शोधकर्ता इस तकनीक के पेटेंट के लिए आवेदन कर चुके हैं। आने वाले समय में इसका इंसानों पर क्लिनिकल ट्रायल किया जाएगा, जिससे भविष्य में लाखों लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

भारत में भी होता है फेंटानिल का उपयोग

भारत में भी कैंसर या अत्यधिक दर्द से पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए फेंटानिल का सीमित चिकित्सकीय इस्तेमाल होता है। यदि यह स्मार्ट पैच तकनीक क्लिनिकल ट्रायल पास करके बाजार में आती है, तो अनजाने में होने वाले ओवरडोज से मरीजों को सुरक्षा मिलेगी।

क्या कहते हैं आंकड़े

-12 लोग हर हफ्ते भारत में ओवरडोज से मौत के शिकार होते हैं

- 2 करोड़ से अधिक लोग ओपिओइड्स (जैसे हेरोइन, अफीम या ओपिओइड दर्द निवारक गोलियों) का किसी न किसी रूप में सेवन करते हैं।

-सा 5 लाख से अधिक मौतें नशीली दवाओं के सेवन से होती हैं दुनिया में

-70 फीसदी से अधिक मौतें ओपिओइड और उनके ओवरडोज के कारण

-फेंटानिल का सबसे बड़ा संकट अमेरिका में है, जहां हर साल ओवरडोज से लगभग एक लाख लोगों की मौत हो जाती है।

-वहां 18-49 वर्ष के युवाओं की मौत का यह एक मुख्य कारण है।

सामान्य प्रश्न

✦आईनैल पैच कैसे काम करता है?−
आईनैल पैच शरीर में फेंटानिल का पता लगाकर स्वचालित रूप से नालोक्सोन दवा रिलीज कर देता है।
Hindustan | Bureau

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