दो वर्ष में होना था निर्माण, एक वर्ष में पिलर भी नहीं निकले
बेतिया रेलवे स्टेशन के पुराने भवन का कार्यालयों का शिफ्टिंग समय पर नहीं हुआ, जिसके कारण निर्माण की गति धीमी हो गई है। पिलर लगाने का काम बहुत कम भागों में शुरू हुआ है और पुराने भवन को ध्वस्त कर दिया गया है। अब केवल एक साल बचा है, और काम की रफ्तार को देखते हुए पूरा होना असंभव लग रहा है।

बेतिया, निज संवाददाता। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस होने वाले बेतिया रेलवे स्टेशन के पुराने भवन से कार्यालयों का शिफ्टिंग समय पर नहीं हुई। इस कारण करीब एक वर्षों से निर्माण की गति बेहद धीमी है। अभी तक मात्र कुछ भागों में ही पिलर लगाने का काम शुरू हुआ है। निर्माण एजेंसी द्वारा पुराने बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया है। अभी इसके मलवे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। मलवा हटने के बाद पिलर लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। ज्ञात हो कि पिछले साल एक अगस्त को इस भवन निर्माण का शिलान्यास स्थानीय सांसद डॉ संजय जायसवाल द्वारा किया गया था।
इस भवन को करीब दो साल में पूरा करना था। लेकिन पुराने भवन को शिफ्टिंग एवं तोड़ने में ही एक साल लग गए। अब सिर्फ एक साल का समय बचा है। काम की रफ्तार देखकर एक वर्ष में भवन निर्माण पूरा होना असंभव माना जा रहा है।


