मुंगेर में मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने की कवायद: डॉक्टर और नर्सों को मिली स्पेशल ट्रेनिंग
मुंगेर के सदर अस्पताल में मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए डॉक्टरों और नर्सों के लिए कौशल वर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। अस्पताल के प्रबंधन की सराहना की गई।

मुंगेर, निज संवाददाता। सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड, लेबर रूम और एसएनसीयू में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों के लिए एक विशेष कौशल वर्द्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जेएलएनएमसीएच भागलपुर और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया की मेंटरिंग टीम ने स्वास्थ्य कर्मियों को गंभीर परिस्थितियों से निपटने के गुर सिखाए। भागलपुर से आए पीडियाट्रिक्स के एचओडी डॉ. अंकुर प्रियदर्शी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अर्चना झा, डॉ. अहमद नदीम और एनेस्थेटिक डॉ. जितेंद्र प्रसाद ने प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और नवजातों की विशेष देखभाल को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
वहीं, पीएचएफआई के प्रोग्राम हेड डॉ. प्रमोद साह के नेतृत्व में आई टीम ने अस्पताल के क्रियान्वयन को और बेहतर बनाने के टिप्स दिए। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. रमण कुमार ने बताया कि हर तीन महीने पर मेंटरिंग टीम डॉक्टरों और नर्सों के कौशल का मूल्यांकन करती है। शुक्रवार को हुई इस समीक्षा में टीम ने मुंगेर सदर अस्पताल के बेहतर प्रबंधन और प्रयासों की जमकर सराहना की। मौके पर डॉ. आशीष कुमार, डॉ. बीएन सिंह, डॉ. अर्चना, डॉ. निधि और अस्पताल प्रबंधक तौसिफ हसनैन समेत कई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।


