
मणिपुर मामले में छठा आरोपी गिरफ्तार, दो महिलाओं की करवाई थी न्यूड परेड
पहाड़ी जिलों में तीन मई को 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
मणिपुर पुलिस ने चार मई को राज्य के कांगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने के मामले में छठे आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति एक किशोर है। पुलिस ने बुधवार को भयावह घटना का 26 सेकेंड का वीडियो सामने आने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को इस मामले में पहली गिरफ्तारी की थी।
इसके बाद बृहस्पतिवार को ही तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। पांचवें आरोपी 19 वर्षीय युवक को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन दो महिलाओं के साथ यह शर्मनाक घटना हुई, उनमें से एक भारतीय सेना के पूर्व जवान की पत्नी है, जिसने असम रेजिमेंट में सूबेदार के रूप में सेवाएं दी थीं और करगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था।
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बहुसंख्यक मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मणिपुर की आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इम्फाल घाटी में रहते हैं, जबकि नगा और कुकी समेत आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है, जो पहाड़ी जिलों में रहते हैं।
अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी
मणिपुर पुलिस और केंद्रीय बलों ने आदिवासी महिलाओं के साथ बेअदबी के 19 जुलाई को सामने आए वीडियो के मद्देनजर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षाकर्मी कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर इस घटना के बाकी बचे आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मणिपुर पुलिस ने राज्य के कांगपोकपी जिले में चार मई को दो जनजातीय महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना के संबंध में अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने घाटी व पहाड़ी दोनों जिलों के संवेदनशील और सीमांत क्षेत्रों में छापेमारी की। इस अभियान के हिस्से के रूप में कांगपोकपी जिले के फैलेंग पहाड़ी चोटी पर नौ बंकरों और शिविरों को नष्ट किया गया। मणिपुर पुलिस ने ट्वीट में कहा, ''पहाड़ी और घाटी दोनों जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 126 नाके और जांच चौकियां बनाई गई है और हिंसा के संबंध में पुलिस ने 413 लोगों को हिरासत में लिया है।'' पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जरूरी सामान की आवाजाही भी सुनिश्चित की गई है। पुलिस के मुताबिक, ''एनएच-37 पर आवश्यक वस्तुओं के साथ 749 वाहनों की और एनएच-2 पर 174 वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई।''

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
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