मारपीट में छह लोगों को तीन वर्ष का कारावास
ललितपुर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत विशेष न्यायाधीश ने छह आरोपितों को दोषी मानते हुए तीन वर्षों की सजा दी। मामला 2016 का है, जब आरोपितों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए एक परिवार पर हमला किया था।

ललितपुर। कोतवाली सदर अन्तर्गत मुहल्ला लैड़ियापुरा में मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश वीएस पटेल ने छह आरोपितों को दोषी पाते सभी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। मामले की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता महेंद्र स्वरूप सविता ने बताया कि लैड़ियापुरा निवासी रामस्वरूप रजक पुत्र जगन ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पांच अप्रैल 2016 को रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने भाई जाहर, भाभी सगुन बाई, भतीजे सुनील, अवनीश व भांजे अनिल के साथ खाना खाकर टीवी देख रहा था।
तभी मुहल्ले के कन्हैया, मयंक, विक्की, निक्की, नरेंद्र यादव के लड़के राहुल, संजय आदि ने घर में घुसकर जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और गाली गलौज कर हाकी, कुल्हाड़ी, फरसा व डंडा से बुरी तरह पीटा। हमलावर जान मारने की धमकी देकर भाग गए थे। कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तु की। मामले की सुनवाई के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने कन्हैया, मयंक, शिवम, प्रियंक, संजय आदि निवासीगण आजादपुरा को आइपीसी को तीन-तीन वर्ष का कारावास और बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।


