आज सीतामढ़ी के नौ प्रखंडों को मिलेगी डिग्री कॉलेज की सौगात
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आज सीतामढ़ी के नौ प्रखंडों को मिलेगी डिग्री कॉलेज की सौगात सीतामढ़ी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का नया अध्याय बुधवार से शुरू होने जा रहा है। बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत सीतामढ़ी के नौ प्रखंडों में स्थापित नवराजकीय डिग्री महाविद्यालयों का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वर्चुअल माध्यम से करेंगे। सीतामढ़ी के नौ डिग्री कॉलेज समेत राज्य स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्य का शुभारंभ होगा। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव तथा उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह (टाइगर) भी शामिल होंगे। जिले में उद्घाटन समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नवस्थापित महाविद्यालयों की जानकारी
सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी, बोखड़ा, चोरौत, मेजरगंज, नानपुर, परसौनी, रुन्नीसैदपुर, सोनबरसा और सुप्पी प्रखंड में नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू होगी। स्थायी भवन बनने तक इन महाविद्यालयों का संचालन चयनित विद्यालय परिसरों से किया जाएगा। राजकीय डिग्री महाविद्यालय बाजपट्टी मध्य विद्यालय मधुबन, बोखड़ा उच्च माध्यमिक विद्यालय चकौती, नानपुर राजकीय बुनियादी विद्यालय जानीपुर, चोरौत उच्च विद्यालय चोरौत, परसौनी जनता उच्च विद्यालय परसौनी चौक, रुन्नीसैदपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय थुम्मा, सोनबरसा कन्या मध्य विद्यालय सोनबरसा, सुप्पी मध्य विद्यालय ससौला बालक तथा मेजरगंज जेबी उच्च विद्यालय मेजरगंज परिसर से संचालित होंगे।
उद्घाटन समारोह की तैयारी
जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने उद्घाटन समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संबंधित विद्यालयों में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण बड़े स्क्रीन पर कराया जाएगा। स्वागतगान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, अतिथियों एवं विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, इंटरनेट और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। मानसून को देखते हुए कार्यक्रम विद्यालयों के सभागार अथवा बड़े कक्ष में आयोजित होगा। प्रत्येक स्थल पर शिलापट्ट भी स्थापित कर दिया गया है।
अवसर और लाभ
जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि यह पहल केवल नए महाविद्यालयों की स्थापना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे हजारों विद्यार्थियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों एवं छात्राओं को अपने घर के निकट स्नातक की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। अब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा उच्च शिक्षा में ड्रॉपआउट की समस्या भी कम होगी।
नामांकित विद्यार्थियों की संख्या
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि उद्घाटन समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों पर लाइव प्रसारण, स्वागतगान, सांस्कृतिक प्रस्तुति, अतिथियों के स्वागत तथा विद्यार्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इन महाविद्यालयों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, खासकर बेटियों के लिए उच्च शिक्षा का नया रास्ता खुलेगा। इससे स्नातक स्तर पर नामांकन बढ़ेगा और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में कमी आएगी।
विद्यार्थियों का नामांकन
अब तक 228 विद्यार्थियों ने कराया नामांकन: जिला शिक्षा विभाग के अनुसार नौ नवस्थापित महाविद्यालयों में अब तक 228 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है। इनमें सोनबरसा में 48, परसौनी में 44, मेजरगंज में 43, रुन्नीसैदपुर में 32, सुप्पी में 22, बोखड़ा में 14, बाजपट्टी में 11, नानपुर में नौ तथा चोरौत में पांच विद्यार्थियों ने कला संकाय में प्रवेश लिया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ेगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य प्रत्येक प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके तहत योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, आधुनिक पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और बेहतर शैक्षणिक संसाधन विकसित किए जाएंगे। जिले के इन नौ डिग्री कॉलेजों के शुरू होने से ग्रामीण युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का बेहतर विकल्प मिलेगा और सीतामढ़ी के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलेगी।


