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मेघालय में दृष्टिहीन संगीतकारों के बैंड ने मचा रखी है धूम

कहते हैं कि काबिलियत किसी की मोहताज नहीं होती और इसे सच कर दिखाया है दृष्टिहीन संगीतकारों की एक मंडली ने जिनकी धुनों पर मेघालय के लोग थिरक रहे हैं। इस पर्वतीय राज्य में नाइट क्लब मालिकों और इवेंट मैनेजरों में उन्हें काम पर रखने के लिए होड़ मची हुई है। 

इस बैंड को पहचान तब मिली जब राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में चुनाव पूर्व अभियानों के लिए उनके संगीत का सहारा लिया।संगीत शिक्षक और इस समूह के परामर्शदाता जोमा सैलियो ने पीटीआई-भाषा को बताया कि 'लाइट आफ्टर डार्क 20 वर्ष की आयु के आसपास के पांच सदस्यों का म्यूजिकल बैंड है। उन्हें ना केवल मेघालय बल्कि पूरे क्षेत्र में उनके कार्यक्रमों के लिए काफी प्रशंसा मिल रही है।

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यहां एक सरकारी केंद्र में संगीत की शिक्षा देने वाले सैलियो ने यह भी बताया कि वह इस मंडली की धुनों को महसूस करने के लिए खुद कई बार आंखों पर पट्टी बांध लेते हैं। उन्होंने बताया कि इन चार सदस्यों ने 2013 में बैंड बनाया। इनमें वानलमफरांग गायक, रिमिकी पाजुह मुख्य गिटारवादक है, दिलबर्टस्टार लिंगदोह बेसिस्ट और हिल्टर खोंगशई ड्रमर है। 

पांचवें सदस्य प्लामिकी लापसाम इस साल की शुरुआत में गायक और गिटारवादक के तौर पर बैंड में शामिल हुआ। उन्होंने कहा, ''इन्हें सबसे बड़ा मौका तब मिला जब राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव पूर्व अभियानों के लिए बैंड को काम दिया। यहां से उनकी जिंदगी बदल गई और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बैंड का नेतृत्व करने वाले वानलमफरांग ने कहा कि उनकी शारीरिक कमी कभी उनके प्रदर्शन के आड़े नहीं आयी। उन्होंने कहा, यूट्यूब और स्पॉटीफाई जैसी अन्य एप्प के आने के बाद गाने सीखना अब मुश्किल काम नहीं है। इससे पहले हमें गीत लिखने पड़ते थे अब हम गाने आसानी से सीख सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह बैंड रॉक और रेगे से खासी संस्कृति के साथ पारंपरिक आदिवासी बीट्स बजा सकते हैं।

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  • Web Title:singers in meghalaya