सिद्धार्थ विवि के दो असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिला अंतरराष्ट्रीय पेटेंट
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु को प्राकृतिक कीटनाशक वितरण उपकरण के लिए यूकेआईपीओ से अंतरराष्ट्रीय पेटेंट मिला है। इस शोध में डॉ. कपिल गुप्त, डॉ. किरन गुप्त और डॉ. कमलेश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान है। यह उपलब्धि अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में विवि की उत्कृष्टता का प्रतीक है।

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के शोध एवं नवाचार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कपिल गुप्त एवं डॉ. किरन गुप्त के शोध नेचुरल पेस्टिसाइड डिस्पेंसिंग डिवाइस (प्राकृतिक कीटनाशक वितरण उपकरण) को यूनाइटेड किंगडम इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस (यूकेआईपीओ) की ओर से अंतरराष्ट्रीय पेटेंट (डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन) प्रदान किया गया है। इस शोध में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध राम रतन पीजी कॉलेज महराजगंज के डॉ. कमलेश कुमार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह पेटेंट प्राकृतिक कीटनाशकों के सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक उपयोग के लिए विकसित उपकरण के अभिनव डिज़ाइन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि संस्थान में अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों का प्रमाण है। इस डिज़ाइन पंजीकरण से शोधार्थियों और विद्यार्थियों में नवाचार आधारित अनुसंधान, डिज़ाइन संरक्षण व बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही कृषि क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के विकास और उनके व्यावसायीकरण को भी नई दिशा मिलेगी। कुलपति प्रो. कविता शाह ने डॉ. कपिल गुप्त, डॉ. किरन गुप्त और डॉ. कमलेश कुमार की यह उपलब्धि विवि में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को और सुदृढ़ करेगी। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उच्च स्तरीय अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी।


