धनबाद के नीरज सिंह हत्याकांड में शामिल शूटर ने मारा था निखार को, चार लोगों की हत्या की थी साजिश
धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में शामिल शूटर का सदस्य निखार सबलोक हत्या के मामले में शामिल था। पुलिस ने जांच में पाया कि निखार की हत्या के लिए 12 शूटरों से संपर्क किया गया था। मुख्य शूटर शिबू है, जिसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या में शामिल शूटरों के गिरोह का एक सदस्य निखार सबलोक हत्याकांड में भी शामिल था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि निखार की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के शूटरों से संपर्क किया गया था। मामले में सागर सिंह उर्फ शिबू उर्फ विजय की पुलिस को तलाश है। शिबू को नीरज सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर बताया जाता है। नीरज की हत्या में आखिरी गोली चलाने का आरोप भी शिबू पर लगा था। नीरज सिंह और उनके तीन साथियों की 21 मार्च 2017 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जेल ट्रांसफर कर शिबू को दुमका जेल भेजा गया था। वहीं, उसकी मुलाकात अपराधी अखिलेश सिंह से हुई थी। पुलिस अब इसी कड़ी को निखार हत्याकांड से जोड़कर जांच कर रही है। अखिलेश गिरोह के कन्हैया सिंह की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। कन्हैया जब घाघीडीह जेल में बंद था, उस दौरान शिबू सिंह का करीबी भी उसके साथ था। पुलिस इन संपर्कों की कड़ी खंगाल रही है。
12 शूटरों से किया गया था संपर्क
जांच में पता चला कि निखार की हत्या के लिए करीब 12 शूटरों से संपर्क किया गया था। खास बात यह है कि सभी शूटर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के रहने वाले थे। हत्या के लिए पहले एक टीम 19 अगस्त को जमशेदपुर पहुंची थी, जहां सभी सिदगोड़ा में रुके थे। इसमें प्रदीप सिंह, अभिमन्यू यादव समेत अन्य युवक शामिल था। इन शूटरों को सिदगोड़ा इलाके में ठहराया गया था। शूटरों ने बिष्टूपुर और कदमा में निखार की हत्या की कोशिश की थी। 21 अगस्त को तीनों को वापस भेजा गया और 22 अगस्त को दो और शूटर शहर पहुंचे। इसके बाद टेंथ माइल स्टोन में निखार की हत्या कर दी गई।
गणेश सिंह समेत चार लोग थे निशाने पर
सूत्रों के अनुसार, निखार की हत्या के बाद शूटरों के निशाने पर गणेश सिंह के अलावा एक भाजपा नेता, विजय सिंह मोनू, राजा शर्मा समेत अन्य लोग थे। पुलिस के हाथ एक लिस्ट लगी है, जिसमें सबसे ऊपर बागबेड़ा के मोनू सिंह का नाम है। इसके बाद गैंग के अन्य सदस्यों का नाम शामिल है। पुलिस के अनुसार, मोनू गणेश सिंह गिरोह से जुड़ा था और एक मामले में कोर्ट की पेशी के लिए आने वाला था। इस दौरान उसकी अर्जी पड़ जाने और उसके कोर्ट नहीं आने की जानकारी मिली। इसके बाद ऐन वक्त पर टारगेट बदलकर निखार सबलोक को कर दिया गया।
हत्या के लिए मिले थे 15 लाख, 1.35 लाख में खरीदी थी कार
बताया जाता है कि हत्या के लिए अखिलेश सिंह की ओर से 15 लाख रुपये दिए गए थे। इसमें 1.50 लाख रुपये शूटरों को एडवांस दिया गया था और साकची से 1.35 लाख में एक कार खरीदी गई। इसके अलावा चार हथियार भी खरीदे गए थे, जिसका हत्या में इस्तेमाल किया गया।
रेकी के लिए कोलकाता से निकाल रहे थे लोकेशन
पुलिस ने जब अशोक सिंह के मोबाइल को खंगाला तो उसमें कई अहम जानकारी पुलिस को मिली। अशोक सिंह ने कोलकाता में किसी व्यक्ति से संपर्क कर निखार के मोबाइल का लोकेशन और अन्य जानकारी मंगाई थी। घटना के पूर्व अशोक सिंह कोलकाता चला गया और सिंटू रांची चला गया था। एसएसपी ने बताया कि सभी आरोपियों की संपत्ति की जांच की जाएगी। इसमें सभी ने कहां से संपत्ति अर्जित की है, इसका भी ब्योरा जुटाया जाएगा। इसके लिए आयकर विभाग से भी मदद ली जाएगी।


