वायु प्रदूषण मापक यंत्र लगेगा लोगों की सांसों की होगी सुरक्षा
शिवहर जिले में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिले में वायु प्रदूषण मापक यंत्र स्थापित करने, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और ऐतिहासिक हाथीसर तालाब को ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के कदम उठाए गए।

शिवहर। जिले में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में पहल को लेकर शुक्रवार को डीएम प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति, सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध समिति तथा जिला आर्द्रभूमि समिति से संबंधित टास्क फोर्स की बैठक हुई। जिसमें जिले में वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए शिवहर में ‘वायु प्रदूषण मापक यंत्र’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रबंधन के लिए जिले में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांटकी स्थापना पर जोर दिया गया। साथ ही गंगा की प्रमुख सहायक नदी बागमती को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसके संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
साथ ही, जल संचयन क्षमता बढ़ाने और बाढ़ नियंत्रण के लिए बालसुंदर की उड़ाही का कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया गया। वहीं पथ चौड़ीकरण और बांध सुदृढीकरण के महत्वपूर्ण विकास कार्यों के दौरान जिन वृक्षों का कटाई किया जाएगा, उनकी क्षतिपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर वनीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए ‘नगर वन’ विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके अलावा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक धरोहरों को सहेजने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘हाथीसर तालाब’ को एक आकर्षक ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। बैठक में जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण और प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जिले की आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी विस्तार से रूपरेखा तैयार की गई है।


