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भरोसा : संकट के समय कांग्रेस को शीला ही याद आती थीं

 sheila dikshit three-time chief minister of delhi dies at 81

शीला दीक्षित दिल्ली में कांग्रेस का सबसे भरोसेमंद चेहरा भर ही नहीं थी, वे कांग्रेस की उन नेताओं में भी शामिल थीं, जिन्हें सुख से ज्यादा संकट के वक्त याद किया जाता था। संकट दिल्ली का हो या राष्ट्रीय स्तर पर कोई बड़ी चुनौती खड़ी हो, उससे बाहर निकलने का रास्ता बिना उनके सुलझना कांग्रेस के लिए मुश्किल होता था। दिल्ली से उत्तर प्रदेश तक पार्टी को संकट के वक्त उनका चेहरा याद आया। वे किसी भी चुनौती से कभी पीछे नहीं हटीं।  शीला दीक्षित गांधी परिवार के लिए रोड़ा खड़ा करने वालों की राह में चट्टान की तरह खड़ी हो जाती थीं।

गांधी परिवार के करीबी नेताओं का मानना है कि उनके अचानक चले जाने से कांग्रेस के सामने दिल्ली में नया चेहरा तलशने से ज्यादा बड़ी चुनौती उस छाया की तलाश करना होगा, जिसकी छांव में कई संकट आए और विदा हो गए। उनकी मृत्यु ऐसे वक्त में हुई जब कांग्रेस और खासतौर पर गांधी परिवार को उनकी सलाह की सबसे ज्यादा दरकार थी। कांग्रेस अपने अस्त्तिव के सबसे गंभीर संकट से जूझ रही है और इस समय शीला दीक्षित का रहना पार्टी की भावी दिशा तय करने में अहम हो सकता था।

पूर्व सीएम के काम को सबका सलाम

अहम मौकों पर बड़ा किरदार : वर्ष 2013 में जयपुर के चिंतन शिविर में राहुल गांधी ने शीला दीक्षित का नाम लेकर कहा कि वे शीला जी से पूछ रहे थे कि कांग्रेस पार्टी आखिर जीतती कैसे है तो शीला ने जवाब दिया कि हम सब एक साथ खड़े होते हैं और जीत जाते हैं। शीला दीक्षित की मौजूदगी गांधी परिवार के हर अहम मौके पर महसूस की जाती थी। अध्यक्ष पद के लिए राहुल को आगे करने से पहले उनकी कांग्रेस में सबसे ताकतवर भूमिका की आधारशिला जयपुर में रखी गई थी। शीला दीक्षित उस फैसले की पटकथा लिखने वाले अहम किरदारों में शामिल थीं।

अपने फैसलों को पार्टी की राय बना देने का हुनर : पार्टी में पुराने नेता बताते हैं कि अपने फैसलों को कांग्रेस का फैसला बना देना यह हुनर उनको बखूबी आता था। दिल्ली चुनाव में उन्होंने इसे साबित किया जब ज्यादातर लोगों की इच्छा के विपरीत उनकी ही चली और आम आदमी पार्टी से लोकसभा चुनाव में गठबंधन नहीं हुआ। मधुर भाषा, अच्छे व्यवहार के साथ सख्त फैसलों को लागू करवा लेना उनको बखूबी आता था। साल 1998 से 2013 तक लगातार तीन कार्यकाल में मुख्यमंत्री रहने के दौरान विवादों से परे रहकर उन्होंने दिल्ली के विकास की बुनियाद रखी।  कांग्रेस नेताओं का मानना है कि शीला दीक्षित की कमी को भर पाना आसान नहीं होगा।

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  • Web Title:Sheila Dikshit Always Help For Congress When Party is in Problem