बेटियां विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ें : वेरोनिक हर्मिनी
ग्रेटर नोएडा के जीबीयू में सेशेल्स की फर्स्ट लेडी वेरोनिक हर्मिनी ने छात्राओं से मुलाकात की और विज्ञान एवं तकनीक में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने मिशन शक्तिसैट का दौरा किया, जो 108 देशों की लड़कियों को एक मंच पर लाने का प्रयास है, ताकि वे अंतरिक्ष विज्ञान में अपने करियर को आगे बढ़ा सकें।

ग्रेटर नोएडा, आशीष धामा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में शुक्रवार को सेशेल्स की फर्स्ट लेडी वेरोनिक हर्मिनी ने मिशन शक्तिसैट का किया दौरा। यहां उन्होंने 108 देशों से आई छात्राओं से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिए। जीबीयू में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला कूटनीति एवं नेतृत्व शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की पत्नी वेरोनिक हर्मिनी ने दुनियाभर से जुटीं छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहिए।
बता दें कि मिशन शक्तिसैट दुनिया के सबसे बड़े ऑल-गर्ल्स चंद्र मिशनों में से एक है, जिसमें 108 देशों की बालिकाओं को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मिशन का उद्देश्य अगली पीढ़ी की महिलाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं अन्वेषण के अग्रिम मोर्चे से जोड़ना और उन्हें वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराना है। स्पेस इंडिया की संस्थापक डॉ. श्रीमैथी केसन ने कहा कि मिशन का उद्देश्य दुनियाभर की लड़कियों और महिलाओं को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराकर सशक्त बनाना है।


