हथनीकुण्ड बैराज से यमुना नदी में 36 हजार 560 क्यूसेक छोडा गया पानी
शिवालिक पहाड़ों और मिर्जापुर क्षेत्र में दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जलस्तर बढ़ने से हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी में शुक्रवार को भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। प्रशासन सतर्क हो गया है, विशेष रूप से नदी किनारे बसे गांवों पर ध्यान दिया जा रहा है।
शिवालिक पहाडियो व मिर्जापुर क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहाड़ो व मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों और जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इसी क्रम में शुक्रवार को हथनीकुंड बैराज का जलस्तर भी बढा। जिसके चलते शाम 6 बजे 36 हजार 560 क्यूसेक पानी हथनीकुण्ड बैराज से यमुना नदी में छोडा गया। जल स्तर बढने से प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी हर परिस्थति से निपटने के लिये सतर्क हो गये है। कंट्रोल रूम के कर्मचारियो द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक गुरूवार को शाम दो बजे के बाद से हथनीकुण्ड बैराज का जल स्तर बढने लगा थां।
जिसके चलते हथनीकुण्ड बैराज से हजारो क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोडा गया। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर बाद दो बजे हथनीकुण्ड बैराज से यमुना नदी में 15 हजार 536 क्यूसेक, शाम चार बजे 30 हजार 865 व शाम छः बजे 36 हजार 560 क्यूसेक पानी बैराज से यमुना नदी में छोड़ा गया। इसके बाद जल स्तर घटने लगा। जिसके चलते शाम सात बजे 33 हजार 768 क्युसेक पानी हथनीकुण्ड बैराज से यमुना नदी में छोडा गया। बैराज से छोडा गया यह पानी उत्तर प्रदेश, हरियाणा व दिल्ली के निचले इलाकों तक अपना असर दिखाता है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।


