जम्मू, नगालैंड में बारिश का कहर, 20 की मौत

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में भारी बारिश के बाद बादल फटने और भूस्खलन से 12 लोगों की मौत हो गई है। नगालैंड के मोन जिले में भी भूस्खलन से आठ लोगों की जान गई। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों की सहायता का आश्वासन दिया है।

जम्मू, नगालैंड में बारिश का कहर, 20 की मौत

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में रविवार को मूसलाधार बारिश के बाद बादल फटने, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। अलग-अलग हादसों में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता हैं। वहीं, नगालैंड के मोन जिले में बारिश के कारण भूस्खलन में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य घायल हो गए। लगातार हो रही बारिश से सड़कों, पुलों, मकानों और अन्य सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। जम्मू में सबसे अधिक तबाही पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील में हुई, जहां अधिकांश लोगों की जान गई। अधिकारियों के अनुसार, मुर्रा गांव में बादल फटने के बाद भूस्खलन से एक ही परिवार के आठ सदस्य मलबे में दब गए। इनमें दो वर्षीय बच्चे सहित तीन लोगों के शव निकाले गए हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। सांगला गांव में बाढ़ में मकान बहने से अब्दुल हमीद, उनकी पत्नी शरीफा बेगम, बेटी अरीबा और बहन मनीरा बेगम लापता हो गए। बाद में दो के शव बरामद किए गए। नूनाबंदी गांव में 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मकान ढहने से मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष की आयु के तीन बच्चों को घायल अवस्था में बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया。

कई वाहन बह गए :

उधर, राजौरी में भी रातभर हुई बारिश के बाद बाढ़ से निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। राजौरी में एक महिला और नौशेरा क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति का शव नदी से बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि उफनती नदियों और नालों में दर्जनों वाहन बह गए या पानी में डूब गए। प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।

अमरनाथ, वैष्णो देवी यात्रा स्थगित :

जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी के बाद अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी और श्री शिव खोरी की यात्राएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा को पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से रोक दिया गया है। कश्मीर में बालटाल तथा नुनवान/चंदनवाड़ी आधार शिविरों और जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं को आगे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि तीन जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.76 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

शाह ने हालात की जानकारी ली :

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की। उन्होंने रातभर हुई बारिश के बाद उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्री ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

दिल्ली दौरा छोड़कर जम्मू लौटे उमर :

मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली का दौरा रद्द कर जम्मू लौट आए। शाम को उन्होंने उच्चस्तरीय बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता करेगी।

केंद्र हरसंभव मदद दे : खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पुंछ और राजौरी जिलों में हुई जनहानि पर दुख जताया। उन्होंने केंद्र सरकार से राहत एवं बचाव कार्यों में जम्मू-कश्मीर प्रशासन को हरसंभव सहायता देने की अपील की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री केयर्स फंड से मुआवजा देने की भी मांग की।

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मोन और तिजित सबसे अधिक प्रभावित :

उधर, नगालैंड के मोन जिले के उपायुक्त वेन्न्येई कोन्याक ने बताया कि लगातार बारिश के चलते जिले के विभिन्न इलाकों में भूस्खलन हुआ। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मोन शहर और तिजित हैं। उन्होंने बताया कि अब तक मलबे से चार शव बरामद किए गए हैं। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। चार अन्य लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। नगालैंड सरकार के अनुसार, मोन जिले के अलावा मोकोकचुंग जिले के तुली उपमंडल और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। एक बयान में कहा गया कि प्रभावित परिवारों को भोजन, अस्थायी आश्रय तथा अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन संभावित ढलानों, नदी किनारों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें। लोग प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें। साथ ही अफवाहों और अपुष्ट खबरों को साझा करने से बचने की भी सलाह दी गई है।

आर्थिक मदद का ऐलान :

मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि मोन में भारी भूस्खलन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 74-74 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में 12 लोग मारे गए हैं और कई अन्य लापता हैं।
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