बारिश से सड़कें डेंजर जोन में, मंगोली-थापला-जलालगांव मोटर मार्ग धंसा
नैनीताल में लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें खतरे में हैं। मंगोली-थापला मोटर मार्ग धंस गया है, जिससे आवाजाही में कठिनाई हो रही है। भवाली में एक मकान की छत और दीवार गिरी है। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा गिरने से यातायात बाधित हुआ। बारिश के चलते बैंडा में नदी का तेज बहाव नुकसान पहुँचा रहा है।

नैनीताल, संवाददाता। जिले में लगातार हो रही तेज बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें डेंजर जोन में तब्दील होने लगी हैं। जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने के साथ भू-स्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच हाल में बनी करीब नौ किमी लंबी मंगोली-थापला-जलालगांव मोटर मार्ग थापला के पास धंस गई। सड़क का एक हिस्सा धंसने से आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की चिंताएँ
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र के लिए लाइफलाइन है। सड़क धंसने से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। वाहन चालकों को भी धंसे हिस्से से गुजरते समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लोनिवि के सहायक अभियंता गोविंद सिंह जनौटी ने बताया कि सड़क धंसने वाले स्थान के नीचे बरसाती नाले में पानी का तेज बहाव है। इससे पुरानी सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और सड़क का हिस्सा धंस गया। उन्होंने बताया कि धंसे हिस्से के सुधारीकरण के लिए जल्द डीपीआर तैयार कर कार्य शुरू कराया जाएगा।
भवाली में हादसे
भवाली में मकान की छत और दीवार गिरी
भवाली। श्यामखेत क्षेत्र में स्व. राधे राम के मकान की छत और दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबा गिरने से आसपास के अन्य मकानों पर भी खतरा बना है। स्थानीय सुनीता देवी ने बताया कि मकान की छत और दीवार गिरने के बाद आसपास के भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के बीच समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो हादसा और बड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रभावित मकान समेत आसपास के भवनों की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाधा
सात घंटे बाद खुला भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग
गरमपानी, संवाददाता।
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नावली के पास सोमवार सुबह पहाड़ी से मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। सुबह करीब पांच बजे अचानक मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
सूचना पर एनएच विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 12 बजे मार्ग यातायात को खोल दिया गया। लोगों के अनुसार नावली के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। इससे राजमार्ग पर आवाजाही करने वाले यात्रियों के लिए खतरा बना है। बताया कि रविवार देर रात करीब एक बजे भी इसी स्थान पर भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया था। एनएच विभाग ने मलबा हटाकर यातायात सुचारू कराया था। एनएच के एई प्रकाश रौतेला ने बताया कि सूचना पर टीम को मौके पर भेजा गया। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर दोपहर 12 बजे मार्ग को यातायात को खोल दिया गया।
कलसा नदी के उफान
कलसा नदी के उफान से बैंडा तोक में तबाही
भीमताल। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बैंडा में कलसा नदी उफान पर आ गई। नदी के तेज बहाव से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। तेज बहाव की चपेट में आकर भोलादत्त का मकान और भूमि बह गई। वहीं, खीमानंद शर्मा की कृषि भूमि भी नदी में समा गई। उनका मकान भी खतरे की जद में आ गया है। अचानक आई आपदा से प्रभावित परिवारों के सामने आवास और सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है। भारी बारिश के कारण क्षेत्र के संपर्क मार्ग भी बाधित हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
नदी में पेड़ गिरना
शिप्रा नदी में पेड़ गिरने की सूचना पर पहुंचे एसडीएम
गरमपानी। जड़मिला के पास शिप्रा नदी में पेड़ गिरने की सूचना पर सोमवार सुबह तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम कैंचीधाम अनुराग आर्य और तहसीलदार बीसी भंडारी ने नदी के बहाव के साथ आसपास के आवासीय मकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि फिलहाल ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी का बहाव आबादी की ओर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। जलस्तर कम होने के बाद नदी में गिरा पेड़ हटाया जाएगा।


