जमुई : सहाना हत्याकांड में इमारत-ए-शरिया ने जताई नाराजगी
जमुई में सात वर्षीय सहाना खातून की हत्या के मामले में इमारत-ए-शरिया ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता की पेशकश की। संगठन ने पुलिस से मामले की त्वरित जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। घटना की इस गंभीरता पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

जमुई से असद खान की रिपोर्ट टाउन थाना क्षेत्र के नीमारंग में करीब आठ दिन पहले सात वर्षीय बच्ची सहाना खातून की हत्या के मामले में इमारत-ए-शरिया ने कड़ी नाराजगी जताई है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इमारत-ए-शरिया के जनरल सेक्त्रेटरी मुफ्ती मो. सईदुर रहमान कासमी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इमारत- ए- शरिया के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार की रात घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच में तेजी लाने, आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी करने तथा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जमुई के डीएम और एसपी से जांच में तेजी लाने की अपील की। साथ ही पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। बच्ची के पिता मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई गई है। एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर संगठन ने पुलिस जांच में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से घटना स्थल की जांच भी की थी लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा, इस मामले मे कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। साथ ही हत्या के पीछे की वजह का भी पुलिस की ओर से खुलासा नहीं किया गया है। बताया गया कि करीब आठ दिन पहले बच्ची के लापता होने के बाद उसका शव एक निर्माणाधीन मकान के परिसर से बरामद किया गया था। बच्ची की गर्दन पर चोट के निशान मिले थे। इमारत-ए-शरिया की ओर से पीडि़त परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में चेक भी दिया गया। संगठन ने कहा कि न्याय मिलने तक वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा रहेगा। जरूरत पड़ने पर परिवार को कानूनी और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। अपील करते हुए कहा कि मामले में किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, जबकि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। मौके पर मौलाना कमर अनीस कासमी, मौलाना मिनहाज, निसार अहमद, जिला सचिव मो. नुमान अख्तर कासमी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।


