मही नदी का तटबंध टूटने से तीन पंचायतों के दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, बेपटरी हुई जिंदगी
सैकड़ों घरों में घुसा पानी, फसलें बर्बाद और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। त्रिलोकचक पंचायत में मही नदी का पानी अचानक कहर बनकर टूट पड़ा है, जिससे कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया। प्रशासन द्वारा राहत कार्य जारी है।

सैकड़ों घरों में घुसा पानी, फसलें बर्बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर कर रहे पलायन फोटो- 22 - दिघवारा के त्रिलोकचक गांव मे बाढ़ के पानी से घिरा पूरा गांव 24 दिघवारा के केशरपुर त्रिलोकचक सड़क पर बह रहा बाढ़ का पानी 25 दिघवारा के रामदास चक गांव मे बाढ़ के पानी से घिरा गांव दिघवारा, निसं । प्रखंड क्षेत्र में मही नदी का पानी अचानक कहर बनकर टूट पड़ा है। मही नदी का पानी त्रिलोकचक पंचायत के केशरपुर, कनकपुर, इसमेला, रघुनाथपुर ककढ़िया, श्रीनगर, त्रिलोकचक, टरवां सहित कई गांवों में पानी फैल गया है। वहीं कुरैया पंचायत के अहिमन पट्टी, पगुरहा और कुरैया गांव भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। इसके अलावा बरुआ पंचायत के रामदासचक गांव से गंगा का पानी गिरने से बरुआ, रामदासचक और फरहदा गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच जाने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मालूम हो कि बीते शनिवार की अहले सुबह त्रिलोकचक पंचायत के केशरपुर गांव के समीप मही नदी का तटबंध अचानक टूट जाने से तीन पंचायतों के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया।
प्रशासन की ओर से तटबंध की मरम्मत
रविवार की देर शाम तक बांध की मरम्मत जारी केशरपुर गांव के समीप टूटे तटबंध की मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से रविवार को युद्धस्तर पर कार्य कराया गया। देर शाम तक बांध की मरम्मत का काम जारी रहा। हालांकि, तटबंध से पानी का बहाव पूरी तरह बंद नहीं हो पाने के कारण आसपास के इलाकों में अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की नजर लगातार बांध और पानी के बहाव पर टिकी हुई है।
सामुदायिक किचेन की व्यवस्था
स्कूल में चल रहा सामुदायिक किचेन बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए केशरपुर स्थित सरकारी विद्यालय में सामुदायिक किचेन शुरू किया गया है, जहां बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी और प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल कैंप भी लगाया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संपत्ति का नुकसान और फसल बर्बादी
घर में पानी घुसने से लाखों की संपत्ति का नुकसान बाढ़ का पानी अचानक गांवों में फैलने से सैकड़ों परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने से घरेलू सामान समेत लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका है। निचले इलाकों में रहने वाले कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कई एकड़ में लगी फसलें बर्बाद मही नदी के बाढ़ के पानी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कई एकड़ में लगी सब्जी की फसल के साथ ही मक्का और धान की फसल पानी में डूबकर पूरी तरह बर्बाद हो गई है। अचानक आई बाढ़ ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। ग्रामीणों ने फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सड़कें डूबीं, आवागमन प्रभावित
बाढ़ का पानी कई गांवों की संपर्क सड़कों पर चढ़ जाने के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जरूरी सामान, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


