बछवाड़ा में गंगा बाया नदी का पानी रिंग बांध पर चढ़ने के कगार पर

हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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लीड:::::::::चमथा दियारे की पांच पंचायतों की सभी बस्तियों में बाढ़ से हुई भयावह स्थिति चेन फोटो नं.04,बिनलपुर में चूल्हा चौका व बच्चों के साथ बांध पर रहने को मजबूर बाढ़पीड़ित। फोटो नं.13,मधुरापुर...

बछवाड़ा में गंगा बाया नदी का पानी रिंग बांध पर चढ़ने के कगार पर

बछवाड़ा, निज संवाददाता। गंगा बाया नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से चमथा दियारे की करीब 60 हजार आबादी बाढ़ की विभीषिका से जूझने लगी है। दियारे की पांच पंचायतों की सभी बस्तियों में बाढ़ का पानी 5 से 10 फीट ऊंचा बहने लगा है। सभी सड़कों पर अब नाव चलने लगी हैं। दियारे के लोग अपने माल-मवेशियों के साथ गांव से पलायन कर बाढ़ आश्रय स्थलों पर डेरा डाल रहे हैं।

बाढ़ का असर

एसएनएनआर कॉलेज चमथा व यूटी कॉलेज परिसर समेत दियारे के लगभग सभी स्कूलों के प्रांगण में बाढ़ का पानी फैल चुका है। चमथा अस्पताल से गोप टोल तक जाने वाली सड़क पर करीब 8 फीट ऊंचा बाढ़ का पानी बह रहा है। झमटिया पुल के बाद चमथा दियारे की सभी पांचों पंचायतों को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क झमटिया पुल के बाद पूरी तरह पानी में विलीन हो चुकी है।

विस्थापन और राहत कार्य

दादुपुर पंचायत के श्रवण टोल, भगवानपुर, गुफा टोल आदि गांवों के लोग विस्थापित होकर झमटिया पुल पर डेरा डाले हुए हैं। इस जगह डेरा डाले लोगों को पॉलिथीन के अभाव में बारिश होने पर भींगने की नौबत रहती है। मवेशियों के लिए चारा संकट की स्थिति बनी हुई है। विशनपुर पंचायत के पंचखूंटी, चिरैयांटोक, लंकाटोल, बिचली दीरी, वसूलिया टोल, बरौनी दीरी आदि बस्तियों में सैकड़ों परिवारों के समक्ष अपने माल- मवेशियों के साथ बाढ़ के बीच फंसने की नौबत उत्पन्न हो गई है। वर्तमान में इन बस्तियों तक बड़ी नाव या मोटर चालित बोट से ही पहुंचना संभव रह गया है। चमथा अस्पताल कैंपस में करीब पांच फीट ऊंचा पानी जमा हो जाने से यहां चिकित्सीय सेवा ठप हो चुकी है।

प्रशासन की तैयारी

इधर, सीओ प्रीतम कुमार गौतम ने बताया कि चमथा दियारे की सभी पांचों पंचायतों में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव के कार्य शुरू कर दिए गए हैं। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच लोगों को सुरक्षित स्थानों तक आवाजाही के लिए कुल 46 नावों का परिचालन शुरू कराया गया है। सीओ ने बताया कि दियारे के लोगों के लिए शनिवार से कुल 10 जगहों पर बाढ़ आश्रय स्थल की व्यवस्था की गई है। बाढ़ आश्रय स्थलों में विद्यापति हाई स्कूल, मध्य विद्यालय मऊ लंगड़ा ढाला, पार्वती कन्या मध्य विद्यालय मऊ बाजितपुर, चमथा गैस एजेंसी के पास, चमथा बांध पर झमटिया पुल के पास, फतेहा हॉल्ट, चमथा-दो गोपाटोल बांध पर, केवल स्थान तथा गोपालपुर करारी शामिल हैं। इन जगहों पर ठहरे लोगों के लिए शनिवार की शाम से सामुदायिक रसोई की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। जिन जगहों पर खुले आसमान के नीचे बाढ़ पीड़ित परिवार डेरा डाले हुए हैं, उनके लिए भी जल्द ही पॉलीथिन व अन्य सामग्रियों की व्यवस्था कराई जाएगी। बाढ़ का पानी घरों में घुसे, प्रखंड के बीस हजार लोग प्रभावित तेघड़ा,निज प्रतिनिधि। गंगा में बाढ़ के कारण मधुरापुर बिचला टोला और दक्षिण टोले को सुरक्षित करने वाला रिंग बांध के उपर से पानी बह रहा है। बांध लगभग एक किलोमीटर लंबाई में पूरी तरह धंस गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। बांध को ऊंचा करने का काम स्थानीय ग्रामीणों और जल संसाधन द्वारा किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा दो-दो जेसीबी लगा तीसरे दिन भी बांध पर मिट्टी डाला जा रहा है। लेकिन पानी का दबाव भी लगातार बना रहने से यह पर्याप्त नहीं लग रहा है। पूर्व पार्षद कन्हैया भारद्वाज द्वारा निरंतर मरम्मत कार्य की देखरेख कर रहे हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को बांध में रिसाव होने के बाद अंजनी सिंह ने अपना जेसीबी लगाकर मिट्टी भरने का काम शुरू कर दिया था। यह निरंतर जारी है। स्थानीय ग्रामीण मणि सिंह ने बताया कि बाढ़ को रोकने के लिए प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर बोल्डर बांध के पश्चिमी भाग में बसे लोगों के घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। उधर बिनलपुर में घर में घुसे पानी के कारण अब बांध पर ही लोग चौका बर्तन लाकर रहने लगे हैं। बिनलपुर के बाढ पीड़ितों ने बताया कि अब तक कोई उनका हाल चाल पूछने नहीं आया है। रविन्द्र महतो, सुधा देवी, पवन महतो आदि ने बताया कि अब तक मुखिया भी हाल चाल लेने नही पहुंचे हैं। इधर सीओ द्वारा बताया गया कि बाढ़ राहत कैंप र्पारंभ कर दिया गया है। लेकिन दिन के दो बजे तक अधिकतर स्थानों पर राहत की कोई व्यवस्था नहीं थी। अधिकारी ने बताया कि धीरे धीरे व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

✦चमथा दियारे की स्थिति क्या है?−
चमथा दियारे में बाढ़ की विभीषिका से लगभग 60 हजार आबादी जूझ रही है।
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