बौरायी नदियों ने कई घर ध्वस्त किए, फसल को भी डुबोयी
अधौरा में बौरायी नदियों ने कई घरों को ध्वस्त कर दिया और फसल को नुकसान पहुँचाया है। निवासियों को दूसरे घरों में शरण लेना पड़ा है। बाढ़ से आर्थिक क्षति के साथ-साथ ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और कई स्कूलों में छात्र नहीं पहुँच सके।

बौरायी नदियों ने कई घर ध्वस्त किए, फसल को भी डुबोयी अधौरा की दुर्गावती, कर्मनाशा, नाचन, सुवरा, गुरुवट, अड़गड़वा, तलवा छंटन, सिटीदर, देवकुंडवा आदि नदियां उफान पर। मिट्टी के मकान के मलबा से दबकर कपड़ा, बर्तन, बेड, अनाज हो गये नष्ट घरों में घुसा पानी, दूसरे के घरों में शरण लेने के लिए मजबूर हैं वनवासी अधौरा, एक संवाददाता। कैमूर पहाड़ी की बौरायी नदियां न सिर्फ आर्थिक क्षति पहुंचा गईं, बल्कि वनवासियों की तकलीफें बढ़ा दी। किसी का मकान ध्वस्त हुआ तो किसी का पशु शेड गिरा। मिट्टी के मकान के मलबा से दबकर कपड़ा, बर्तन, बेड, अनाज नष्ट हो गये।
दूसरे के घरों में शरण लेने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं। पानी की धार धान के पौधों को उखाड़कर अपने साथ ले गई। कुछ किसान की फसल डूबो दी। घर में पानी घुस गया। इससे ग्रामीणों को आर्थिक क्षति हुई है। अधौरा प्रखंड की दुर्गावती, कर्मनाशा, नाचन, सुवरा, गुरुवट, अड़गड़वा, तलवा छंटन, सिटीदर, देवकुंडवा आदि नदियां उफान पर हैं।
विद्यालयों में दिक्कतें
विद्यालय के रास्ते में नदी पड़ने की वजह से कई विद्यालयों में पढ़ने के लिए छात्र नहीं पहुंच सके और कुछ शिक्षक भी नदी पार कर उसपर नहीं गये। कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क भंग हो गया। घर में जो उपलब्ध है उसे ही पकाकर खा रहे हैं। लेकिन, मकान गिरने से जिन्हे क्षति हुई है, उनके पास पकाने के लिए अनाज और तन ढंकने के लिए कपड़े तक नहीं बचे हैं। खाट पर लेटाकर मरीज को ले गए अस्पताल अधौरा प्रखंड के डुमरावां गांव निवासी देवपति यादव की 60 वर्षीया पत्नी झबरी देवी बुधवार को बीमार हो गई। बुखार से उसका शरीर तप रहा है। ग्रामीण व परिजन उसे खाट पर लेटाकर अधौरा पीएचसी ले गए। ग्रामीण विजेंद्र कुमार, हरेकृष्ण कुमार, विजय यादव, राजू यादव, उपेंद्र यादव, भोरिक यादव, रामराज यादव, राहुल यादव, विनोद यादव, वकील यादव, रविंद्र यादव, पूर्व मुखिया नेतलाल यादव, मनीष यादव ने बताया कि घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। रास्ते में वर्षा और नदी का पानी जमा है। मोरम मिट्टी के रास्ते से मरीज को लेकर जा रहे हैं।
ग्रामीणों की कठिनाइयाँ
घरों घुसे पानी को डीजल पंप से निकाल रहे ग्रामीण दुर्गावती नदी का पानी कदहर कला और कदहर खुर्द गांव, कर्मनाशा नदी का पानी बभनी मीरा यादव, पूर्व मुखिया लक्ष्मी खरवार, पटपर में योगेश उरांव, महेंद्र उरांव, चंदेश्वर राम, अधौरा के गांगा साह के मकान व अंजर अली की दुकान में घुस गया। गंगा साह के परिजन मकान में घुसे पानी को बुधवार को डीजल पंप से निकाल रहे थे। घर में अचानक पानी घुसने से काफी सामान भींगकर नष्ट हो गये। कई मकान और छलका ध्वस्त कदहर खुर्द के लक्ष्मी सिंह खरवार, बहादुर खरवार, लोहरा में श्यामबली यादव के मिट्टी के मकान ध्वस्त हो गये। धर्मेंद्र खरवार ने बताया कि मकान ध्वस्त होने से उसके अंदर रखे अनाज, कपड़ा, बेड-बिस्तर, बर्तन नष्ट हो गये। ग्रामीणों के पास खाने के लिए अनाज तक नहीं बचे। गांव के कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है। कुछ और मकान गिरने की स्थिति में है। अधौरा के रौशन अली का पशु शेड गिर गया। अधौरा से भूईफोर जानेवाली सड़क में इस वर्ष बना छलका 15 फुट टूट गया। इस छलका की लंबाई 40 फुट है। अधौरा से एकडिहवा टोला जाने के रास्ते में बना छलका भी 20 फुट दूरी तक में बह गया। इस वजह से सेघन यादव के एक एकड़ खेत की फसल पानी की धार में बह गई।
फसल का नुकसान
पानी की धार में बह गये धान के पौधे सुवरा नदी के पानी की तेज धार की वजह से बड़गांव खुर्द के योगेंद्र यादव, छोटे लाल माली, छविनाथ सिंह, बड़गांव कला में जोखु यादव, शिवमंगल खरवार, पारस यादव, ताला में शमीम मियां, महेंद्र यादव, भड़ेहरा में बहादुर खरवार, जमुनीनार में कौशलेंद्र दुबे आदि लोगों की करीब 10 एकड़ में लगी फसल डूब गई। पानी की धार में धान के पौधे बह गए। इन गांवों का आवागमन बंद नाचन नदी उफान पर रहने के कारण कई गांवों के ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया है। अधौरा के पिपरा, बड़ाप, टोड़ी, श्रवणदाग, कदहर आदि गांवों के विद्यालयों में बुधवार को कम शिक्षक पहुंचे। छात्र तो पढ़ने के लिए विद्यालय गये ही नहीं। कुछ शिक्षक नदी के तट पर खड़े होकर पानी कम होने का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीणों के घर में जो चीजें उपलब्ध हैं, उसी को पकाकर खा रहे हैं। कैप्शन- कैमूर की पहाड़ी नदियों के उफान पर रहने और सड़क कट जाने से डुमरावां की बीमार महिला को खाट पर लेटाकर अधौरा पीएचसी इलाज के लिए ले जाते परिजन व ग्रामीण। कैप्शन- कैमूर पहाड़ी से बुधवार को आ रहे वर्षा के पानी की तेज धार से ध्वस्त मिट्टी का मकान और बहता नदी का पानी।


