अपने मकान पर खुद हथौड़ा-जेसीबी चल रहे लोग
0 भोजपुरवा में सरयू नदी की कटान तेज होने से दहशत वर्षों से यहां रहने वाले लोग नम आंखों से अपने मकान को खुद से ही तोड़ रहे हैं। कटान इतनी तेज है कि लोग

बांसडीह, हिन्दुस्तान संवाद। टीएस (तुर्तीपार-श्रीनगर) बंधा के किनारे के गांव भोजपुरवा में सरयू नदी की भीषण कटान से लोगों के घर व खेतों के विलीन होने का सिलसिला तेज हो गया है। वर्षों से यहां रहने वाले लोग नम आंखों से अपने मकान को खुद से ही तोड़ रहे हैं। कटान इतनी तेज है कि लोग अपने पुश्तैनी सामानों को बचाने के लिए जेसीबी मशीन से भी घर तोड़वा रहे हैं, ताकि दरवाजे, खिड़कियां, लकड़ी, छड़ और ईंटें सुरक्षित निकाली जा सकें। जिन घरों को कई पीढ़ियों ने मेहनत और सपनों से बनाया था, वह अब कुछ घंटों में मलबे में बदल रहा है। सरयू की तेज धारा अब तक सैकड़ों बीघा कृषि भूमि को अपने आगोश में ले चुकी है। हर घंटे नदी की धारा खेतों का एक नया हिस्सा काट रही है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और पूरा गांव अपने भविष्य को लेकर चिंता में है। गांव में जेसीबी मशीनें लगातार चल रही हैं। कोई अपनी छत उतरवा रहा है, कोई दीवार गिरवा रहा है तो कोई वर्षों की मेहनत से बनाए गए घर की ईंटें समेट रहा है। महिलाओं की आंखों में आंसू हैं, बच्चे सहमे हुए हैं और बुजुर्ग अपने उजड़ते आशियाने को बेबसी से देख रहे हैं। गांव में स्थापित जल निगम की पानी का टंकी भी गिरने के कगार पर पहुंच गया है。
सर्वेक्षण और सहायता
उधर, तहसीलदार नितिन कुमार सिंह ने बताया कि कटान प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। राजस्व टीम मौके पर मौजूद है। प्रभावित परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है। जिन परिवारों के मकान कटान की जद में हैं, उन्हें शासन की मंशा के अनुरूप राहत व पुनर्वास की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
इनसेट
नदी में गए खेत, अब घर भी हो रहे खत्म
ग्रामीणों की आवाज़
भोजपुरवा गांव के हीरालाल यादव, भृगु यादव, जवाहर यादव, राजेंद्र यादव, लल्लन यादव, जितेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव, रविन्द्र यादव, सत्येन्द्र यादव, गौतम यादव, मुन्ना, बलिराम यादव व श्रीकिशुन यादव ने बताया कि कई पीढ़ियों से हम लोग यहां रह रहे हैं। कभी सोचा भी नहीं था कि अपने ही हाथों अपने घर को जेसीबी से तोड़वाना पड़ेगा। पहले खेत नदी में गए, अब घर भी खत्म हो रहे हैं। बताया कि टीएस बंधा के साथ ही जहां-तहां शरण ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई मदद नहीं मिली है।
निर्माण कार्य की स्थिति
ठोकर की चौड़ाई-गहराई नपवाई, निर्माण कार्य परखा
बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। बैरिया तहसील के ग्राम दुबेछपरा में गंगा नदी की बाढ़ से होने वाले कटान को रोकने के लिए निर्माणाधीन बाढ़ ठोकर का मंगलवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। डीएम ने बाढ़ ठोकर की चौड़ाई और गहराई की मौके पर नाप कराई।
डीएम को अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ ठोकर की चौड़ाई 15 मीटर तथा गहराई 12 मीटर रखी गई है। डीएम ने निर्माण में प्रयुक्त पत्थरों के संबंध में जानकारी ली। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पत्थरों के मिर्जापुर से मंगाए जाने की बात बताई। डीएम ने लेखपाल को निर्देश दिया कि निर्माण स्थल के आसपास स्थित हरे पेड़ों का स्वामित्व चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि ठोकर के निर्माण कार्य में बाधा न आए। बरसात के मौसम को देखते हुए डीएम ने कार्यदायी संस्था को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मैनपावर बढ़ाकर युद्धस्तर पर कार्य करने तथा हर हाल में 24 जुलाई तक रिंग बंधे का निर्माण पूरा करने के लिए निर्देशित किया। चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण में एसडीएम बैरिया, अधिशासी अभियंता बाढ़ खण्ड आदि थे।
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