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हिंदी न्यूज़ देशमहाराष्ट्र के विधायकों को असम के बजाय बंगाल भेजिए, हम उनकी अच्छी आवभगत करेंगे; बीजेपी से बोलीं ममता बनर्जी

महाराष्ट्र के विधायकों को असम के बजाय बंगाल भेजिए, हम उनकी अच्छी आवभगत करेंगे; बीजेपी से बोलीं ममता बनर्जी

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने बुधावार को दावा किया कि उनके पास 40 विधायकों का समर्थन है। पार्टी के खिलाफ जाने के बाद पहली बार शिंदे ने गुवाहाटी एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद मीडिया से बात की थी।

महाराष्ट्र के विधायकों को असम के बजाय बंगाल भेजिए, हम उनकी अच्छी आवभगत करेंगे; बीजेपी से बोलीं ममता बनर्जी
Ashutosh Rayपीटीआई,नई दिल्लीThu, 23 Jun 2022 05:23 PM

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महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठा-पटक पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने बीजेपी से कहा है कि महाराष्ट्र के बागी विधायकों को असम के बजाय बंगाल भेज दीजिए हम उनकी अच्छी से आवाभगत करेंगे। बनर्जी ने कहा कि बीजेपी अनैतिक तरीके से महाराष्ट्र की सरकार गिराने का प्रयास कर रही है।

महाराष्ट्र के बागी विधायकों को गुवाहाटी में ठहरने पर ममता बनर्जी ने कहा कि असम में बाढ़ की विभीषिका के बीच प्रभावित लोगों को परेशान करने के लिए महाराष्ट्र के विधायक वहां क्यों भेजे जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा, 'महाराष्ट्र के विधायकों को असम के बजाय बंगाल भेजिए, हम उनकी अच्छी आवभगत करेंगे।'

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तीन और विधायक गुवाहाटी के लिए रवाना

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में जारी राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना के तीन और विधायक गुरुवार को कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी खेमे में शामिल होने के लिए असम की राजधानी गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए। तीन विधायकों में सावंतवाड़ी से विधायक दीपक केसकर, चेंबूर से विधायक मंगेश कुडलकर और दादर से विधायक सदा सर्वंकर शामिल हैं।

शिंदे ने एमवीए गठबंध को बताया अप्राकृतिक

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (MVA) एक 'अप्राकृतिक गठबंधन' है और उनकी पार्टी के लिए आवश्यक है कि वह अपने और पार्टी कार्यकर्ताओं के हित में राकांपा और कांग्रेस के साथ इस गठबंधन से बाहर निकल आए।

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एमवीए गठबंधन में शिवसेना कमजोर हो रही

शिंदे ने दोहराया कि एमवीए गठबंधन में राकांपा और कांग्रेस मजबूत हो रहे हैं, लेकिन मुख्य पार्टी शिवसेना और उसके कार्यकर्ता लगातार कमजोर होते जा रहे हैं।  शिवसेना ने 2019 विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा से गठबंधन समाप्त करके एमवीए का गठन किया था।

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