अगस्त क्रांति से बंधू सिंह की शहादत तक, विद्यार्थियों ने याद किया स्वतंत्रता संग्राम
शहीद बंधू सिंह डिग्री कॉलेज के मध्यकालीन इतिहास विभाग ने शनिवार को अगस्त क्रांति, काकोरी ट्रेन एक्शन और बंधू सिंह के बलिदान दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की। विद्यार्थियों ने क्रांतिकारियों के योगदान को याद किया और डॉ. कविता शर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को प्रेरित करना था।

चौरीचौरा, हिन्दुस्तान संवाद। शहीद बंधू सिंह डिग्री कॉलेज के मध्यकालीन इतिहास विभाग की ओर से शनिवार को अगस्त क्रांति, काकोरी ट्रेन एक्शन और अमर शहीद बंधू सिंह के बलिदान दिवस की स्मृति में संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पड़ावों पर प्रकाश डालते हुए क्रांतिकारियों के योगदान और बलिदान को याद किया। विभाग की प्रभारी डॉ. कविता शर्मा ने भारत छोड़ो आंदोलन की पृष्ठभूमि, उसके क्रियान्वयन और परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अगस्त का महीना देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले क्रांतिकारियों के योगदान और उनके बलिदान को नमन करने का अवसर है।
उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन के प्रभाव और उससे क्रांतिकारियों में पैदा हुए उत्साह के साथ अंग्रेजी शासन के कमजोर होते मनोबल पर भी प्रकाश डाला। महाविद्यालय की छात्रा प्रियांशी द्विवेदी ने महाविद्यालय की स्थापना के प्रेरणास्रोत अमर शहीद बंधू सिंह के जीवन, स्वतंत्रता प्रेम और संघर्षों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को अमर शहीद बंधू सिंह का बलिदान दिवस मनाया जाता है। तृतीय सेमेस्टर की छात्रा मोनिका ने भारत छोड़ो आंदोलन, जबकि पंचम सेमेस्टर की छात्रा मनीषा ने काकोरी ट्रेन एक्शन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. कविता शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर अध्ययन कर स्वयं को अद्यतन रखने के लिए प्रेरित किया।
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