शेयर बाजार की नई व्यवस्था में हेराफेरी नहीं मिली : सेबी
डीसी ... मुंबई, एजेंसी। बाजार नियामक सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने

मुंबई, एजेंसी। बाजार नियामक सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बुधवार को कहा कि शेयर बाजार में हाल ही में शुरू किए गए समापन नीलामी सत्र (सीएएस) में अब तक किसी तरह की हेराफेरी का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बाजार से जुड़े लोगों से नई व्यवस्था को समझने और इसे अपनाने की अपील की।
नई व्यवस्था के लाभ
पांडेय ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अमेरिका और जापान समेत कई देशों के शेयर बाजार दो साल से अधिक समय से इस तरह की व्यवस्था अपना रहे हैं। भारत इस मामले में अभी अपने समकक्ष देशों से पीछे है। सेबी ने 3 अगस्त से समापन नीलामी सत्र शुरू किया है। पांडेय के अनुसार, यह व्यवस्था खास तौर पर निष्क्रिय निवेशकों, म्यूचुअल फंड के लिए सही शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) तय करने और सूचकांक आधारित निवेशकों के लिए उपयोगी है।
नीलामी प्रक्रिया
सीएएस कारोबार खत्म होने के बाद होने वाली एक नीलामी प्रक्रिया है। इसमें खरीद और बिक्री के सौदों के आधार पर शेयर की अंतिम कीमत तय की जाती है। इसका उद्देश्य बाजार बंद होने के भाव को ज्यादा पारदर्शी तरीके से तय करना है। पांडेय ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में बाजार बंद होने के बाद देर से होने वाले कारोबार के जरिए कीमतों में हेराफेरी का जोखिम रहता था। नई व्यवस्था में ऐसा जोखिम कम करने की कोशिश की गई है।
डेरिवेटिव नुकसान पर नया अध्ययन
नए अध्ययन के निष्कर्ष
सेबी प्रमुख ने कहा कि नियामक अगले आठ-दस दिन में खुदरा निवेशकों को डेरिवेटिव बाजार में हुए नुकसान पर अपने अध्ययन के निष्कर्षों से जुड़ा नया दस्तावेज जारी करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अध्ययन के कुछ निष्कर्ष बाजार से जुड़े लोगों को चौंका सकते हैं। इससे पहले वैश्विक जिंस सम्मेलन में पांडेय ने कहा कि भारत के जिंस बाजार की बढ़ती गतिविधियां उत्साहजनक हैं। हालांकि, केवल बाजार का आकार बढ़ना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि भारत कई जिंसों का बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।


