एसडीपीआई ने राज्यपाल के नाम डीएम कार्यालय में सौंपा ज्ञापन,
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन देकर थाना किठौर पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी का आरोप है कि बिना लिखित आदेश के उनकी आंतरिक बैठक रोकी गई और उपाध्यक्ष रिफाकत हुसैन को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया, जो संविधान का उल्लंघन है।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष इसरार खान के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नाम ज्ञापन एसडीएम न्यायिक को सौंपकर थाना किठौर, जनपद मेरठ पुलिस की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि एसडीपीआई भारत निर्वाचन आयोग एवं उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल है और उसे संविधान के तहत संगठनात्मक गतिविधियां संचालित करने, आंतरिक बैठकें आयोजित करने तथा लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करने का अधिकार प्राप्त है।पार्टी का आरोप है कि 2 जुलाई को मेरठ जिले के किठौर स्थित पश्चिमी उत्तर प्रदेश कैंप कार्यालय में जिला कार्यकारिणी की प्रस्तावित आंतरिक बैठक को थाना किठौर पुलिस ने बिना किसी लिखित आदेश अथवा वैधानिक आधार के रोक दिया।
पार्टी के अनुसार कानून-व्यवस्था के मद्देनजर बैठक को तत्काल स्थगित कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने प्रदेश उपाध्यक्ष रिफाकत हुसैन को उनके आवास से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया। ज्ञापन में कहा गया कि इस प्रकार की कार्रवाई संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने तथा संगठन बनाने के अधिकारों के विपरीत है। आरोप लगाया कि यदि गिरफ्तारी बिना पर्याप्त कानूनी आधार और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई है तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत प्रदत्त अधिकारों का भी उल्लंघन है।


