दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों के लिए फिर खुला पोर्टल
बलरामपुर में, वित्तीय वर्ष 2025-26 की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदनों का पुनः परीक्षण किया जाएगा। जिन छात्रों के आवेदन त्रुटिपूर्ण या अस्वीकृत हैं, उनके लिए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोला गया है। छात्रों को अपनी जानकारी में सुधार करने और संस्थानों के साथ अपने आवेदन की स्थिति की जांच करने के लिए कहा गया है।

बलरामपुर, संवाददाता। वित्तीय वर्ष 2025-26 की दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित छात्र-छात्राओं को शासन ने एक और मौका दिया है। विभिन्न कारणों से लंबित, त्रुटिपूर्ण अथवा अस्वीकृत आवेदनों के निस्तारण के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोल दिया गया है। इसका लाभ सभी वर्गों के उन पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा, जिनके आवेदन संस्थान स्तर से अग्रसारित नहीं हो सके, पीएफएमएस से रिजेक्ट हो गए अथवा तकनीकी व अन्य प्रक्रिया संबंधी कारणों से भुगतान नहीं हो पाया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि शासन ने आवेदन के सत्यापन, त्रुटि सुधार, अग्रसारण और डाटा लॉक करने की विस्तृत समय-सारणी जारी की है।
संबंधित शिक्षण संस्थानों और विभागीय अधिकारियों को निर्धारित अवधि में सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षण संस्थानों को एक से सात सितंबर तक मास्टर डाटा तैयार करना होगा। विश्वविद्यालय अथवा संबंधित एफिलिएटिंग एजेंसी की ओर से दो से आठ सितंबर तक फीस आदि का सत्यापन किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर से यह प्रक्रिया तीन से नौ सितंबर तक पूरी की जाएगी। त्रुटिपूर्ण आवेदनों में सुधार के लिए शिक्षण संस्थानों को 16 से 18 सितंबर तक का समय दिया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने आवेदन में दर्ज गलतियों को दुरुस्त कराना होगा। इसके बाद संस्थानों की ओर से पात्र विद्यार्थियों के आवेदन सत्यापित कर ऑनलाइन अग्रसारित किए जाएंगे, जबकि अपात्र आवेदनों को नियमानुसार निरस्त किया जाएगा। शिक्षण संस्थानों को पात्र विद्यार्थियों के आवेदन 17 से 19 सितंबर तक सत्यापित कर अग्रसारित करने होंगे। इसके बाद जनपदीय समिति की ओर से शुद्ध डाटा को 17 से 25 सितंबर तक लॉक किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आवेदन की स्थिति संबंधित शिक्षण संस्थान से पता करने की अपील की है। आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर निर्धारित अवधि में सुधार कराने को कहा गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि समय-सारणी के अनुसार सभी संबंधित संस्थानों को कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके।


