जीपीएफ खातों के मामले अन्य कर्मचारी भी रडार पर, मिल सकती है गड़बड़ी
बांदा में स्वास्थ्य विभाग में सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खातों में कर्मचारियों और जिम्मेदारों की मिलीभगत से गड़बड़झाला हुआ है। जांच में पता चला है कि एक ऑप्टोमेट्रिस्ट ने 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण अपने जीपीएफ खाते से लिया जबकि खाते में इतनी धनराशि नहीं थी। चार अन्य कर्मचारियों के खातों में भी अनियमितता पाई गई।

बांदा। स्वास्थ्य विभाग में सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खातों में कर्मचारियों और जिम्मेदारों की मिलीभगत से गड़बड़झाला सामने आया है। चर्चा है कि इसमें अन्य कर्मचारी भी रडार पर आ सकते हैं। महोबा के बाद बांदा में मामला सामने आने के बाद जीपीएफ की ऑनलाइन फीडिंग से इसको लेकर हड़कंप मच गया है। गुरूवार को दिनभर इसी को लेकर चर्चा होती रही। सरकारी कर्मचारियों के वेतन का एक हिस्सा सामान्य भविष्य निधि यानी जीपीएफ खाते में जमा होता है। यह धनराशि धीरे-धीरे सेवाकाल के साथ बढ़ती जाती है। सेवानिवृत्त होने पर इसका पूर्ण भुगतान हो जाता है। इससे पहले भी सेवा में रहते हुए भी ऋण के रूप में इसमें धनराशि निकाली जा सकती है। नियमानुसार खाते में कुल जमा धनराशि का 70 प्रतिशत ही निकासी किया जा सकता है। इसी का फायदा उठाकर स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों ने खेल कर दिया। जीपीएफ पासबुक में जमा धनराशि से अधिक धनराशि का उन्होंने ऋण ले डाला। लेखा विभाग प्रयागराज की टीम की जांच में तिंदवारी पीएचसी पर तैनात नेत्र परीक्षण विशेषज्ञ (ऑप्टोमेट्रिस्ट) देवेंद्र कुमार ने 70 लाख रुपये से अधिक का ऋण अपने जीपीएफ खाते से ले लिया। लेखा विभाग की जांच में पता चला कि इतनी धनराशि तो जीपीएफ खाते में थी ही नहीं। इसके बाद गहनता से जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया।
अन्य अनियमितताएँ
विभागीय सूत्रों के अनुसार इसके अलावा चार अन्य कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में भी करीब 23 लाख रुपये की अनियमितता है। इसमें एक कर्मचारी दो साल पहले सेवानिवृत्त हो चुका है, उसके जीपीएफ खाते से सात लाख रुपये का अधिक ऋण लेकर फर्जीवाड़ा किया गया। वहीं तिंदवारी, नरैनी, बिसंडा के भी अन्य कर्मचारी बताए जा रहे हैं, हालांकि यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग जीपीएफ खाते की जमा और निकासी की एक-एक इंट्री कर रहा है। जिससे जितनी भी गड़बड़ियां की गई वह सामने आ सकें।
वसूली की प्रक्रिया
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वेतन व देयकों से करेंगे वसूली
लेखा विभाग प्रयागराज की टीम ने जीपीएफ खातों में गड़बड़ी पकड़ी है। ऑप्टोमेट्रिस्ट देवेंद्र कुमार के वेतन व अन्य देयकों से जांच में सामने आई धनराशि की वसूली कराई जाएगी। यह मामला सामने आने के बाद अन्य अभी पर्चियों का भी मिलान किया जा रहा है। जांच के बाद स्पष्ट होगा कि ऐसे अन्य लोग हैं या नहीं।
- डॉ. विजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी बांदा


