कोर्ट की फर्जी मोहर से सम्मन तैयार कर तामील कराया
बंथरा की अनुसूचित जाति की महिला ने रिटायर दरोगा पर न्यायालय की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर के माध्यम से सम्मन तैयार कर उसे तामील करने का आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि आरोपी ने उसका अनादर किया और फिर धमकाने के लिए फरार हो गया। एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है।

बंथरा इलाके की अनुसूचित जाति की महिला ने रिटायर दरोगा पर न्यायालय की फर्जी मोहर और कूटरचित हस्ताक्षर के इस्तेमाल से सम्मन तैयार कर उसे पुलिस के जरिए तामील कराने का आरोप लगाते हुए न्यायालय में शिकायत की है। कोर्ट के आदेश पर बंथरा थाने में मामले की एफआईआर दर्ज की गई है। बंथरा के एक गांव की महिला के मुताबिक पांच जून 2024 की शाम करीब चार बजे कृष्णा नगर के मानस नगर निवास जनमेजय सचान ने उसे बेइज्जत करने की नीयत से हाथ पकड़ लिया। उसके गलत तरीके से छूते हुए कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। बाद में शोर मचाने पर आरोपी गालियां देते, धमकाते हुए फरार हो गया।
महिला के मुताबिक उसने इसकी शिकायत संबंधित थाने में की, लेकिन आरोपी का पुलिस में प्रभाव होने की वजह से उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब पीड़िता कोर्ट गई। उसका कहना है कि इसके बाद यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।आरोप है कि कोर्ट से भेजी गई नोटिस मिलने के बाद आरोपी ने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनभद्र, मिर्जापुर और कुशीनगर की फर्जी मोहर बनवाकर कूटरचित सम्मन तैयार किया। इसमें महिला को विपक्षी के रूप में दर्शाकर फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगाई। सम्मन पुलिस आयुक्त कार्यालय भेज दिया। बाद में आरोपी ने उसे डाक रजिस्टर में दर्ज कर फर्जी तरीके से बंथरा पुलिस के जरिए उसे तामील कराया। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उसे मुकदमा वापस लेने, जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। पीड़िता का कहना है कि उसने 21 अगस्त 2025 को पुलिस आयुक्त को भी डाक से शिकायत भेजी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि आरोपी अन्य न्यायालयों व अधिकारियों की फर्जी मोहरों का लगातार दुरुपयोग कर उसे परेशान कर रहा है। बंथरा थाना प्रभारी का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


