एनसीएससी ने पंजाब सरकार को नोटिस भेजा
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस एससी उम्मीदवारों को लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण का लाभ न देने के आरोपों पर है। आयोग ने मामले की जांच और पंजाब सरकार से सभी संबंधित रिकॉर्ड मांगने का निर्णय लिया है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने शनिवार को पंजाब सरकार को एक नोटिस जारी किया। यह नोटिस लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में एससी उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ न देने के आरोपों पर भेजा गया है। एनसीएससी ने एक बयान में कहा कि उसे इस मामले में भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ से एक शिकायत मिली है। चुघ ने आयोग से शिकायत की थी कि पंजाब शिक्षा विभाग द्वारा निकाली गई 1,013 लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में एससी उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। आरोप है कि कई विषयों (जैसे पंजाबी, कॉमर्स, गणित, भौतिकी, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल आदि) में आरक्षण के नियमों और तय रोस्टर सिस्टम का ठीक से पालन नहीं किया गया।
इस मामले की गंभीरता
एनसीएससी के चेयरमैन किशोर मकवाना ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। मकवाना ने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए आयोग कानून के अनुसार जरूरी कदम उठाएगा।
जांच की प्रक्रिया
एनसीएससी ने कहा कि उसने इस मामले की जांच करने का फैसला किया है। बयान के अनुसार, इस संबंध में पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर आयोग को मामले की सच्चाई, आरोपों पर की गई कार्रवाई और भर्ती नोटिफिकेशन और आरक्षण रोस्टर सहित सभी संबंधित रिकॉर्ड सौंपें।
अगले कदम
आयोग ने कहा कि अगर तय समय के भीतर जवाब नहीं मिलता है, तो वह सिविल कोर्ट की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है और व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी कर सकता है।


