आयुष्मान और सौभाग्य योग में होगी श्रावणी मेले की शुरूआत

हिन्दुस्तान, बांका
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30 जुलाई से शुरू होगा श्रावणी मेला30 जुलाई से शुरू होगा श्रावणी मेला श्रावण मास में शुभ संयोग और पर्वों की है लंबी श्रृंखला बांका। निज प्रतिनिधि। स

आयुष्मान और सौभाग्य योग में होगी श्रावणी मेले की शुरूआत

बांका, निज प्रतिनिधि। सावन भगवान शिव की अराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस बार सावन विशेष शुभ संयोगों के साथ शुरू हो रहा है। जिले में 30 जुलाई से श्रावणी मेले की शुरूआत श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के दुर्लभ संयोग के बीच शुरू होगा। 29 जुलाई को देर शाम प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, लेकिन उदयातिथि के आधार पर धार्मिक दृष्टिकोण से सावन मास की शुरूआत 30 जुलाई से मानी जाएगी।

श्रावणी मेले की तैयारी

सावन के आगमन को लेकर जिले में श्रावणी मेले की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बांका जिले में पडने वाले 54 किलोमीटर कांवरिया पथ पर दुकाने, सेवा शिविर और अस्थायी चिकित्सा शिविर लगनी शुरू हो गई है। इसके अलावे क्षेत्र के शिवालयों, शिव मंदिरों और प्रमुख पूजा स्थलों पर भी तैयारियां तेज हो गई है। वहीं, श्रद्धालु जलाभिषेक, रूद्राभिषेक और विशेष पूजा कराने की तैयारी में जुट गए हैं।

धार्मिक मान्यता और पूजा

आचार्य सीता रमण ने बताया कि सावन माह में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पूरे माँ भगवान शिव का वास पृथ्वी लोक में रहता है। इसी वजह से सावन में किए गए जलाभिषेक, रूद्राभिषेक, महामृत्यंजय जाप और शिव पूजन का कई गुणा अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि रूद्राभिषेक के लिए यह पूरा महीना अत्यंत शुभ माना जाता है और श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूरे सावन में किसी भी शुभ दिन इसका आयोजन कर सकते हैं। वहीं, सावन में भगवान शिव को गंगाजल, जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और सफेद पुष्प अर्पित करने का विशेष महत्व है। श्रद्धा और विधि विधान से की गई शिव आराधना से सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की सिद्धि का आर्शीवाद प्राप्प्त होता है।

भाग्यशाली योग और पर्व

श्रावण मास के शुभ संयोग और पर्वों की लंबी श्रृंखला को लेकिर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। धार्मिक व अध्यात्मिक जानकारों का मानना है कि इस बार शुभ योगों में शुरू हो रहा सावन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक उर्जा और मंगलकारी फल लेकर आएगा। इस वर्ष सावन में चार सोमवारी व्रत पडेंगे। पहला सोमवारी व्रत 3 अगस्त को होगा, जबकि इसके बाद 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को सोमवारी व्रत के साथ श्रद्धालु भगवान शिव का व्रत और विशेष पूजन करेंगे। सावन माह में कई प्रमुख पर्व भी मनाए जाएंगे। इसमें 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि, 15 अगस्त को हरियाली तीज, 17 अगस्त को नागपंचमी और 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। यहां सावन में पूरे महीने धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन, शिव महिमा के पाठ और विशेष पूजा-अर्चना का माहोल बना रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सावन सभी महिने कब शुरू हो रहा है?
सावन विशेष शुभ संयोगों के साथ 30 जुलाई से शुरू हो रहा है।

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