कमला नदी को बचाने के लिए बनानी होगी ठोस रणनीति

हिन्दुस्तान, दरभंगा
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कमला नदी को बचाने के लिए भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच की बैठक धोई घाट पर हुई। समाजसेवी योगेन्द्र यादव की अध्यक्षता में इसमें नेपाल से आए सदस्यों सहित कमला पुत्र बिक्रम यादव ने नदी की दुर्दशा पर चिंता जताई। सभी ने मिलकर ठोस रणनीति बनाने और सरकार को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया।

कमला नदी को बचाने के लिए बनानी होगी ठोस रणनीति

राजीव रंजन प्रसाद,दरभंगा। मृतप्राय कमला नदी को बचाने के लिए भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच के तत्वाधान में रविवार को धोई घाट स्थित कमला नदी के किनारे वरिष्ठ समाजसेवी योगेन्द्र यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कमला बचाओ अभियान से जुड़े कमला पुत्र बिक्रम यादव सहित नेपाल से आए संदीप कुमार देहदानी, मिश्री लाल मधुकर, ओम प्रकाश महतो व देवेंद्र यादव भी शामिल हुए।

कमला नदी की स्थिति

बिक्रम यादव ने कहा कि जो महत्व गंगा नदी का है वही महत्व मिथिला में कमला नदी का है। आज कमला नदी सूख रही है। कमला नदी का पानी दूषित हो रहा है। दोनों देशों के लोगों को कमला नदी को बचाने के लिए आगे आना होगा। तालाब बचाओ अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी ने कहा कि नेपाल के पहाड़ से निकली कमला नदी झंझारपुर से दरभंगा, पूरब से पश्चिम लगभग 45 कीमी के बीच 10 धाराओं मे बहती थी।

पर्यावरणीय चुनौतियाँ

बाढ़ नियन्त्रण के नाम पर कमला बलान के दोनों तरफ तटबंध निर्माण के बाद अन्य नौ धाराओं के मुंह को बंद कर दिया गया। इस कारण बाढ़, सुखाड़, जलजमाव और जल प्रदूषण जैसी आपदा एक साथ होने लगी है। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों को मिलकर कमला नदी को बचाने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमण राजेश, पर्यावरणविद जितेंद्र कुमार मिश्र, अनीश कुमार, आशुतोष कुमार, राम बाबू व मनोज यादव ने बताया कि कमला नदी के सूखने से कृषि, पशुपालन और वन्य प्राणी पर संकट आ गया है।

भविष्य के उपाय

तासीम नवाब, डॉ. अमर जी कुमार, स्वर्ण प्रताप सिंह व बिनोद यादव ने कहा कि बरसात में कमला नदी का पानी सभी जलाशयों को भर देता था, जिससे सालोंभर कृषि व पशुपालन होता था। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि कमला नदी का जन-जन से जुड़ाव है। राजनीतिक इक्षाशक्ति में कमी के कारण जीवनदायिनी कमला नदी की इस प्रकार की दुर्दशा हो गई है। उन्होंने युवा पीढ़ी, किसानों व पशुपालकों से इस अभियान में जुड़ने की अपील की। संचालन करते हुए पर्यावरणविद जितेंद्र व अजीत कुमार मिश्र ने भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच के आगामी कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि पानी नहीं आने से कमला नदी बीमार और बेकार बनकर रह गई है। इस कारण हमारी उर्वर भूमि बंजर हो रही है। इसे हर हाल में बचाना होगा। बैठक में तय हुआ कि दोनों देशों के लोग मिलकर भारत-नेपाल कमला मैत्री मंच के माध्यम से एक मांग पत्र बिहार सरकार, भारत सरकार और नेपाल सरकार को दिया जाए। कमला नदी के मुहाने को जहां बंद कर दिया गया है, सरकार अविलंब उसे खोले। आईआईटी एक्सपर्ट को शामिल कर कमला कनर्सोटियम गठित करने के लिए सरकार को मांग पत्र दिया जाए। धन्यवाद ज्ञापन बिनोद यादव ने किया।

सामान्य प्रश्न

कमला नदी को बचाने के लिए बैठक कब हुई?
बैठक रविवार को धोई घाट स्थित कमला नदी के किनारे हुई।
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