ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News देशसऊदी अरब के 'मिशन 2030' में भारत सबसे अहम, रिझाने के लिए दे रहा फ्री वीजा; जानें वजह

सऊदी अरब के 'मिशन 2030' में भारत सबसे अहम, रिझाने के लिए दे रहा फ्री वीजा; जानें वजह

अपनी अर्थव्यवस्था में तेल और गैस पर निर्भरता कम करने के लिए रियाद ने अन्य क्षेत्रों पर भी फोकस करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उसने मिशन 2030 में अपनी पहली पसंद भारतीयों को बताया है।

सऊदी अरब के 'मिशन 2030' में भारत सबसे अहम, रिझाने के लिए दे रहा फ्री वीजा; जानें वजह
Gaurav Kalaएएनआई,नई दिल्लीThu, 22 Feb 2024 08:56 PM
ऐप पर पढ़ें

तेल के कुओं के लिए दुनियाभर में मशहूर गल्फ कंट्री सऊदी अरब मिशन 2030 की तरफ लगातार आगे बढ़ रहा है। अपनी अर्थव्यवस्था में तेल और गैस पर निर्भरता कम करने के लिए रियाद ने अन्य क्षेत्रों पर भी फोकस करना शुरू कर दिया है। पिछले तीन साल से सऊदी अरब पर्यटन पर काम कर रहा है। उसने अर्थव्यवस्था में तेल के विकल्प के तौर पर्यटन को आगे रखने का फैसला लिया है। इसके लिए उसकी पहली पसंद हैं- भारतीय। इसके लिए सऊदी अरब का लक्ष्य है कि साल 2030 तक उसके देश में कम से कम  7.5 मिलियन भारतीय पर्यटकों की आवक हो। भारतीयों को रिझाने के लिए वह लगातार विभिन्न कार्यक्रम भी लॉन्च कर रहा है- जिसमें फ्री वीजा भी शामिल है।

सऊदी पर्यटन प्राधिकरण के अध्यक्ष अलहसन अलदाबाग ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि हमने सऊदी अरब को पर्यटन के क्षेत्र में आगे करने के लिए भारतीयों पर खास फोकस किया है। हमारा लक्ष्य है कि साल 2030 तक भारत के 7.5 मिलियन लोग देश का दौरा करें। उनका कहना है कि सऊदी अरब में तेल के कुएं तेजी से खत्म होते जा रहे हैं, इसलिए जल्द ही उन्हें अर्थव्यवस्था के अन्य विकल्पों पर भी ध्यान देना होगा। देश की अर्थव्यवस्था पर तेल की निर्भरता कम करनी होगी।

रियाद ने आगामी वर्ष 2030 तक लक्ष्य रखा है कि उसकी जीडीपी में 56 फीसदी योगदान गैर तेल संसाधनों से आए। इसके लिए रियाद की सबसे पहली और आसान चॉइस है- पर्यटन। देश को पर्यटन की दृष्टि से लोकप्रिय और विदेशियों की पसंद बनाने के लिए सऊदी अरब न सिर्फ अपने देश के कानूनों में विदेशियों के लिए ढिलाई देने को राजी है बल्कि, 96 घंटे तक फ्री वीजा की योजना भी शुरू करने जा रहा है। 

भारतीय पहली पसंद
अलदाबाग का कहना है कि अगर हम सोच रहे हैं कि 2030 तक अपनी जीडीपी में गैर तेल संसाधनों में अधिक से अधिक योगदान हो तो इसके लिए पर्यटकों का बड़ी संख्या में आना जरूरी है। इसके लिए सऊदी अरब की पहली पसंद भारतीय हैं। उनका कहना है कि भारत में जनसंख्या काफी ज्यादा है। यहां का बाजार और विविधता से भरा हुआ है। यहां विभिन्न संप्रदाय के लोग रहते हैं। इसलिए सऊदी अरब को पर्यटन देश के रूप में स्थापित करने के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक भारतीय देश घूमने के लिए आएं। इसके लिए हमने कुछ योजनाएं तैयार की हैं।

एएनआई से बातचीत में, अल्दाबाग ने कहा, हमारा उद्देश्य है 2030 के लिए भारत से 7.5 मिलियन लोगों को सऊदी अरब लाया जाए। इसके लिए वीजा सुविधा बहुत जरूरी है। अल्दाबाग ने कहा, "भारत के महत्व को पहचानते हुए, हमने सऊदी तक पहुंच को सुव्यवस्थित किया है। भारत में 10 वीएफएस कार्यालयों के साथ, हम इस वर्ष और विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। हमने एक स्टॉपओवर कार्यक्रम शुरू किया है, जो 96 घंटे का मुफ्त वीजा भी देता है।

ऑन अराइवल वीजा की भी सुविधा
जो लोग सऊदी एयरलाइंस या फ्लाईनास (एक निजी सऊदी कम लागत वाली एयरलाइन) के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। ई-वीजा या आगमन पर वीजा के पात्र होंगे।" भारत और सऊदी अरब के बीच स्थायी संबंधों के बारे में , उन्होंने कहा, "भारत और सऊदी अरब के बीच आपसी सद्भावना लगातार विस्तारित हुई है। यह वृद्धि न केवल पर्यटन क्षेत्र में बल्कि आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भी फैली हुई है। हम उत्सुकता से इस वर्ष भारत में हमारे फलते-फूलते रिश्ते और मजबूत करने के बारे में सोच रहे हैं।"

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें