सरयू नदी किनारे फिर शुरू हुआ अस्थाई लोहे के पुल का निर्माण

हिन्दुस्तान, बाराबंकी
Follow us on Google News
share

रामनगर में सरयू नदी का जल स्तर घटने के बावजूद बाराबंकी-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर दूसरे स्थायी पुल के निर्माण के लिए अस्थायी पुल का निर्माण फिर से शुरू हो गया है। निर्माण सुरक्षित स्थान से किया जा रहा है। इंजीनियरों ने काम संभाला है और लोहे के पाइपों को मजबूत धरातल में स्थापित किया जा रहा है।

सरयू नदी किनारे फिर शुरू हुआ अस्थाई लोहे के पुल का निर्माण

रामनगर। सरयू नदी का जलस्तर घटने लगा है लेकिन नदी में अभी भी पर्याप्त पानी है। इसके बावजूद बाराबंकी बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग के सरयू नदी पर दूसरे स्थायी पुल के निर्माण में तेजी लाने के लिए अस्थाई लोहे के पाइप वाले पुल का निर्माण फिर शुरू कर दिया गया है। इस बार नदी के किनारे के बजाय करीब 150 मीटर दूर पश्चिमी सिरे के मजबूत धरातल से निर्माण कार्य शुरू किया गया है ताकि दोबारा कटान होने पर निर्माण स्थल प्रभावित न हो। पिछले दो महीने पूर्व अस्थाई पुल का निर्माण नदी के किनारे से शुरू किया गया था। लेकिन सरयू की धारा घूमकर पीछे की ओर आ गई और करीब सौ मीटर तक कटान कर दिया।

इससे लोहे के पाइपों से बनने वाले अस्थाई पुल का काम रोकना पड़ा था। अब कंपनी ने स्थान बदलकर सुरक्षित जगह से निर्माण शुरू किया है। करीब 1200 मीटर लंबाई के दूसरी लेन अस्थाई लोहा पाइप पुल नदी के इस पार से उस पार तक बनाया जाएगा। इसी पुल से चलकर भारी मशीनें नदी के बीच पहुंचेंगी और स्थायी डबल लेन पुल की कोठियों का निर्माण करेंगी। दिल्ली की अरविंदो कंपनी के इंजीनियरों ने फिर से काम संभाल लिया है। मशीनों की मदद से लोहे के पाइपों को करीब 100 से 120 फीट नीचे तक मजबूत धरातल में धंसाया जा रहा। इसके ऊपर लोहे के गाटर रखकर लोहे की ही सतह तैयार की जाएगी। जिस पर निर्माण कार्य में लगी मशीनें आवागमन करेंगी। कंपनी के सुपरवाइजर धर्मेंद्र ने बताया कि अस्थाई पुल का निर्माण दोबारा शुरू कर दिया गया है और सुरक्षित स्थान से काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव , CJP Protest Live और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsसरयू नदी किनारे फिर शुरू हुआ अस्थाई लोहे के पुल का निर्माण