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हिंदी न्यूज़ देश26 को SKM का देशव्यापी प्रदर्शन, अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग दोहराई

26 को SKM का देशव्यापी प्रदर्शन, अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग दोहराई

एजेंसी,नई दिल्लीGaurav Kala
Fri, 22 Oct 2021 10:05 PM
26 को SKM का देशव्यापी प्रदर्शन, अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग दोहराई

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग और किसानों के आंदोलन के 11 महीने पूरे होने पर 26 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।

किसान संघों के एक संयुक्त मंच एसकेएम ने एक बयान में केंद्र सरकार से तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने, किसानों और सभी कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और अजय मिश्रा की बर्खास्तगी तथा गिरफ्तार किये जाने संबंधी उनकी वैध मांगों को पूरा करने की मांग की।

केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों का विरोध करने के लिए पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बार्डर पर डेरा डाले हुए हैं।

बयान में कहा गया है, ''एसकेएम ने अब सभी घटकों से 26 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध के साथ, अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को तेज करने का आह्वान किया है।'' बयान में कहा गया है, ''26 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे के बीच धरना और मार्च निकाला जाएगा।''

गौरतलब है कि तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में मारे गए आठ लोगों में से चार किसान थे, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं को ले जा रहे एक वाहन ने कथित तौर पर टक्कर मार दी थी। अन्य मृतकों में भाजपा के दो कार्यकर्ता और उनका चालक शामिल हैं। किसानों ने दावा किया है कि अजय मिश्रा का बेटा आशीष एक वाहन में था। हालांकि इस आरोप का आशीष और उनके पिता ने खंडन किया है। आशीष मिश्रा को इस मामले में नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।

 एसकेएम ने लखनऊ में होने वाली अपनी महापंचायत को स्थगित करने का भी फैसला किया, जो पहले 26 अक्टूबर से 22 नवंबर तक होने वाली थी। बयान में, मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय सिख संगठन (जसबीर सिंह विर्क के नेतृत्व वाला) कभी भी एसकेएम का हिस्सा नहीं रहा है और न ही रहेगा। एसकेएम ने इस महीने की शुरुआत में सिंघू बॉर्डर पर कथित बेअदबी और एक व्यक्ति की निर्मम हत्या मामले की उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से गहन जांच की मांग दोहराई। 
 

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