‘सुधा’ बनेगी वैश्विक ब्रांड, गांव-गांव खुलेंगे सुविधा केंद्र : सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा में डेयरी और शिक्षा क्षेत्र का विस्तृत खाका पेश किया। बताया कि 'सुधा' ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य है। सूबे में दूध उत्पादन को बढ़ा कर प्रतिदिन एक करोड़ लीटर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘सुधा’ बनेगी वैश्विक ब्रांड, गांव-गांव खुलेंगे सुविधा केंद्र : सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रखा डेयरी और शिक्षा क्षेत्र का विस्तृत खाका कहा-दूध उत्पादन में नई क्रांति लाने की है तैयारी, सूबे में रोजाना एक करोड़ लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य, 6 महीने में बढ़ा 3 लाख लीटर उत्पादन बकरी दूध को भी फेडरेशन से जोड़ा जाएगा, नालंदा बनेगा स्वतंत्र दुग्ध उत्पादक संघ फोटो कैप्शन अलग से। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। नालंदा डेयरी में सोमवार को दही-लस्सी प्लांट का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सूबे में डेयरी सेक्टर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा को लेकर सरकार का विस्तृत खाका पेश किया। कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल दूध उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि सुधा ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। अमूल की तरह ‘सुधा’ को दुनिया के बाजार पर कब्जा करने के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 साल पहले जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब जीविका समूह खड़ा किया गया था। उस समय दूध दूसरे राज्यों से आता था। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि भारत में होने वाले कुल दूध उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा बिहारियों का है। अब हमारी योजना अपने दूध, आइसक्रीम, पेड़ा व अन्य उत्पादों को दुनिया के मार्केट तक पहुंचाने की है।
ग्रामीण हाट मॉडल
सीएम ने बताया कि पिछले 6-7 महीनों में दो हजार से अधिक नई दुग्ध उत्पादन समितियां बनी हैं। रोजाना तीन लाख लीटर दूध का उत्पादन बढ़ा है। हमारा लक्ष्य एक करोड़ लीटर प्रतिदिन उत्पादन करने का है। इसके लिए बिहार के सभी गांवों में ग्रामीण हाट मॉडल लागू किया जाएगा वहां दूध, सब्जी और मछली की एक साथ बिक्री की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पूरे बिहार में पशुओं की दवाइयों के लिए हजार से अधिक केंद्र (दुकानें) खोले जाएंगे। बीमारी और कमजोरी में बकरी का दूध पीने की सलाह दी जाती है। हम आने वाले दिनों में बकरी के दूध को भी फेडरेशन के साथ जोड़ेंगे। वहीं, नालंदा को स्वतंत्र नए दुग्ध उत्पादक संघ के तौर पर विकसित किया जाएगा।
100 दिन के काम:
शिक्षा में किए गए बड़े बदलाव मुख्यमंत्री ने सरकार के 100 दिनों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं। कहा कि हमने हर प्रखंड में बच्चों के लिए मॉडल स्कूल खोले हैं। जहां डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहा शुरुआत की गई है। अब गरीब घर के बच्चों को नीट और जेईई की तैयारी के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मॉडल स्कूलों में लाइव क्लासेस शुरू की गयी हैं। अगर बच्चा रात के 11 बजे भी चाहेगा, तो उसे ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध होंगे और वह घर बैठे अपनी पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेगा। मौके पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम, डीएम उदिता सिंह, एसपी भारत सोनी, कॉम्फेड एवं पशुपालन विभाग के वरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, दुग्ध उत्पादक किसान तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सौगात:
20 करोड़ से बनेगा दही-लस्सी प्लांट, पशुओं के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू नालंदा में दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई रफ्तार 300 खुदरा विक्रेताओं को मिले डीप फ्रीजर, 8 प्रमंडलों के लिए पशु उठाव वाहन रवाना ग्रामीण विकास मंत्री ने बकरी पालन को बताया जीविका दीदियों का एटीएम बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। नालंदा जिले को डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को सोमवार को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा डेयरी प्रोजेक्ट परिसर में 20 टन प्रतिदिन क्षमता वाले दही व लस्सी प्लांट का शिलान्यास किया। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संयंत्र से स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादों का निर्माण होगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने ‘सहकार से समृद्धि’ पहल के तहत कॉम्फेड द्वारा संचालित होने वाले एचपीसीएल पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया की भी आधारशिला रखी। कार्यक्रम में दुग्ध उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए 300 खुदरा विक्रेताओं के बीच डीप फ्रीजर का वितरण किया गया, जिसकी शुरुआत मंच से तनुजा देवी और कुंदन कुमार को चाबी सौंपकर की गई। साथ ही, आठ प्रमंडलों के लिए टोल-फ्री नंबर से संचालित होने वाले पशु उठाव एवं परिवहन वाहन (चलंत पशु चिकित्सालय) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इंसानों के साथ पशुओं की भी चिंता:
सीएम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नालंदा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक समय में नालंदा ही अखंड भारत का स्वरूप था। उन्होंने कहा कि आज की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करेगी। 300 डीप फ्रीजर से उत्पादों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। वहीं, पशु उठाव वाहन इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार इंसानों के साथ-साथ पशुओं की भी चिंता करती है। ताकि, घायल पशुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। सीएम ने जीविका की पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी सराहना की।
नहीं आती बाहर से दूध की खेप:
बिजेंद्र प्रसाद यादव : उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 90 के दशक की स्थिति को याद करते हुए कहा कि एक वक्त था जब दूध बाहर से बिहार आता था। आज डेयरी के क्षेत्र में इतनी प्रगति हुई है कि अब हमें इसकी जरूरत नहीं पड़ती। किसानों को मिल रहे लाभ से बिहार की समृद्धि का एक अनोखा रास्ता खुला है। बकरी पालन है महिलाओं का एटीएम: श्रवण : ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि डेयरी विकास के बिना गांव की तरक्की का सपना अधूरा है। सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए हमने सूबे के सभी 534 प्रखंडों में जमीन उपलब्ध कराई है। पहाड़ी इलाकों (नालंदा, गया, कैमूर, बांका आदि) में थारू समाज और जीविका दीदियों के बीच बकरी पालन को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा। आज बिहार में आठ लाख से ज्यादा लोग बकरी पालन कर रहे हैं। यह गरीब महिलाओं और जीविका दीदियों के लिए एटीएम के समान है, जिसे वे जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकती हैं।


