जातिवाद छोड़ प्रेम और सद्भाव अपनाने का दिया संदेश
बलरामपुर के रमनापार्क में संत बाबा उमाकान्त महाराज ने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रप्रेम और नैतिक जीवन का महत्व बताया। उन्होंने जातिवाद को जहर करार दिया और भावनात्मक भाईचारे की अपील की। उन्होंने शाकाहार और नशामुक्त जीवन के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी।

बलरामपुर, संवाददाता। रमनापार्क में आयोजित सत्संग के दूसरे दिन परम पूज्य संत बाबा उमाकान्त महाराज ने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रप्रेम और नैतिक जीवन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी मनुष्यों में परमात्मा का अंश विद्यमान है, इसलिए जातिवाद, धर्म और ऊंच-नीच के भेदभाव से दूर रहकर प्रेम और भाईचारे की भावना अपनानी चाहिए। कहा कि जातिवाद समाज के लिए जहर के समान है और लोभ-लालच में पड़कर कभी भी देश व समाज के हितों के विरुद्ध कार्य नहीं करना चाहिए। बाबा उमाकान्त महाराज ने लोगों से शाकाहारी और नशामुक्त जीवन अपनाने, किसी का बुरा न चाहने, जरूरतमंदों की सहायता करने के साथ-साथ किसी धर्म, जाति या व्यक्ति की निंदा से बचने की अपील की।
उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के संस्कार और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और संगति पर नजर रखें। यदि बचपन में सही मार्गदर्शन नहीं मिला तो भविष्य में वही बच्चे परिवार, समाज और देश के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। उन्होंने सभी से अच्छे समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


