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11 अप्रैल, 2021|9:21|IST

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सैफई रैगिंग मामला: MCI ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से नोटिस जारी कर मांगा जवाब 

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने सैफई मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर एमबीबीएस छात्रों के साथ रैगिंग को लेकर 24 घंटे में जवाब मांगा है। एमसीआई ने प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ हुए बर्ताव पर कड़ा रुख अपनाते हुए जवाब न देने पर एक साल के लिए मान्यता रद करने और प्रति छात्र एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। यह भी पूछा है कि एमबीबीएस के सीनियर छात्रों को एक महीने के लिए सस्पेंड क्यों नहीं किया गया।

सैफई मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एमबीबीएस के नए छात्रों के सिर के बाल मुड़वाकर परेड कराए जाने का मामला सामने आया है। रात को हुई घटना की जानकारी सुबह कॉलेज के अन्य छात्रों को हुई। जहां पहली साल में एडमिशन लेने वाले छात्र दहशत में हैं। वहीं, कॉलेज प्रशासन इसको मेडिकल कॉलेजों की परंपरा बताकर रैगिंग की बात से इंकार कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने भले ही किसी भी कॉलेज में छात्रों के साथ होने वाली रैगिंग को गैरकानूनी करार देकर इस पर पाबंदी लगा रखी हो। लेकिन यहां सैफई मेडिकल कॉलेज में ये सब बदस्तूर चल रहा है। सोमवार की रात को इस साल एमबीबीएस में एडमिशन लेने वाले 200 में से लगभग सभी छात्रों के सिर मुड़वा दिए गए और उनसे परेड भी कराई गई। सुबह जब छात्र लाइन लगाकर अपने हॉस्टल से कॉलेज पहुंचे तो इसकी जानकारी अन्य छात्र-छात्राओं को हुई। मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ। इतना कुछ होने के बाद भी कॉलेज के जिम्मनदार इसको देशभर के मेडिकल कॉलेजों की परंपरा बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। कॉलेज के डीन पंकज जैन ने कहा कि छात्रों ने अपनी मर्जी से ही सिर के बाल मुड़वाए हैं, वैसे भी ये परंपरा है जो सभी जूनियर छात्र अपनी मर्जी से अपनाते हैं। फिर भी रैगिंग जैसी कोई बात सामने आती है तो वे कार्रवाई करेंगे। पिछले साल भी इस तरह की बात सामने आने पर पांच छात्रों को कार्रवाई की गई थी।

सीनियर के हॉस्टल के सामने करते हैं झुककर सलाम

सैफई मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों को परंपरा व संस्कार सिखाने के नाम पर क्या क्या नहीं करना पड़ता है। उनको सिर के बाल मुड़ाने के अलावा अपने सीनियर छात्रों के हॉस्टल के सामने से निकलने के दौरान झुककर सलाम करते हुए ही चलना पड़ता है। इसका विरोध करने का किसी भी छात्र का साहस नहीं होता है। कॉलेज के सूत्र बताते हैं कि एंटी रैगिंग स्क्वाड के नाम पर केवल ओपचारिकता पूरी की जाती है। जबकि जो घटनाक्रम जूनियर छात्रों के साथ होता है वो सभी अधिकारियों की जानकारी में भी होता है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है बल्कि पूछे जाने पर इसको वे परंपरा व संस्कार का नाम देत हैं।

रैगिंग को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच के बाद आज इसकी रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर एमसीआई ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कुलपति से रिपोर्ट तलब की है। मामले में शासन ने भी जांच के आदेश दिए है बता दें कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष के सैकड़ों छात्रों के सिर मुंडवा कर उन्हें सिर झुका कर चलने के लिए रैगिंग के तहत मजबूर किया गया। मामले का संज्ञान लेते हुए शासन ने जांच के आदेश दे दिए गए है।

डीएम जेबी सिंह ने मामले में जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। एसडीएम सैफई व मेडिकल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को दो घंटे में रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। बताया गया कि चिकित्सा सचिव को यह रिपोर्ट भेजी जायेगी।

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  • Web Title:Saifai ragging case MCI issues notice to the Principal of the Medical College seeking an answer