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शिरडी मंदिर में उभरा साईं बाबा का चित्र, दो दिन से बंद नहीं हुए कपाट

shirdi sai baba temple

शिरडी में साईं बाबा के मंदिर में पिछले दो दिनों से भक्तों की इतनी भीड़ है कि मंदिर के कपाट बंद नहीं किए जा सके हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर की एक दीवार पर साईं बाबा का चित्र उभर आया है। 

स्थानीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बुधवार की रात यह अफवाह फैली कि शिरडी मंदिर कैंपस में स्थित द्वारका माई मंदिर की दीवार पर साईं बाबा की तस्वीर उभर आई है। जिस दीवार पर यह तस्वीर बनी है उसे चमत्कार की दीवार भी कहा जा रहा है। 

काले रंग की इस दीवार पर एक धुंधली सी छवी अलग से नजर आ रही है। इस आकृति पर फूलों की माला डाली गई है। इसके बाद से वहां श्रद्धालुओं का तांता लग गया है। कुछ श्रद्धालु तो भावुक होकर रोने भी लगे। 

बता दें कि द्वारका माई वही मंदिर है जिसके बारे में यह कहानी प्रचलित है कि साईं बाबा ने यहां पानी से दीपक जलाए थे। बुधवार के बाद गुरुवार और शुक्रवार को भी मंदिर में बड़ी तादाद में श्रद्धालु जमा रहे, जिससे मंदिर का दरवाजा बंद नहीं हुआ है। लोग दर्शन करने के साथ ही तस्वीरें और विडियो भी बना रहे हैं।

इस बारे में शिरडी साईं ट्रस्ट की सीईओ रूबल अग्रवाल ने कहा कि यह भक्तों की भावना से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इस बारे में जांच की जा रही है। जो भी उसका नतीजा आएगा उस पर एक्शन लिया जाएगा। रूबल अग्रवाल ने आगे कहा कि अचानक भीड़ बढ़ जाने की वजह से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। व्हाट्सऐप पर इस खबर के वायरल होने के बाद यहां भगदड़ की स्थिति बन गई थी। पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिये की जा रही है। 

वहीं, एक भक्त का कहना है कि 2012 में भी प्रतिमा दिखने की अफवाह उड़ी थी। यह शायद मूर्ति का रिफ्लेक्शन है। 

shirdi sai baba temple

महाराष्ट्र के पथरी में हुआ था साईं बाबा का जन्म
बताया जाता है कि 1838 में महाराष्ट्र के पाथरी में साईं बाबा का जन्म हुआ था। लोग भगवान का अवतार मानते थे। बताते हैं कि 16 साल की उम्र में साईं बाबा शिरडी पहुंचे थे और कई साल तक तप किया था। उनके चमत्कारों की वजह से लोग उन्हें संत मानने लगे। साईं बाबा के भक्तों का उन पर अटूट विश्वास है। 

दुनिया में बाबा के भक्तों की अपार संख्या है। इस मंदिर में हर रोज देश-विदेश से तकरीबन 25 हजार श्रद्धालु आते हैं। साईं बाबा के जीवन चरित्र पर आधारित कुछ किताबों में 1910 से 1918 में उनके समाधिस्थ होने तक की जानकारी मिलती है। उनके जन्म स्थान पर भी उनका एक मंदिर बना है। इसके अंदर साईं की आकर्षक मूर्ति रखी हुई है। यह बाबा का निवास स्थान है, जहां पुरानी चीजें जैसे बर्तन और देवी-देवताओं की मूर्तियां रखी हुई हैं।

कुछ मान्यताओं के अनुसार जिस जगह आज शिर्डी में सांईं बाबा का भव्य मंदिर बना हुआ है, असल में वहां श्रीकृष्ण का मंदिर बनाने की योजना थी। लेकिन इस स्थान नी बाबा ने अचानक देह त्याग दिया। अचानक हुई इस घटना से बाबा के भक्त हैरान थे, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करें। तब कुछ भक्तों ने फैसला लिया कि बूटी साहिब द्वारा बनवाए गए बाड़े में मूर्ति स्थापना के लिए निर्धारित जगह पर बाबा को समाधि दे दी जाए। 

बाद में इस ओर कभी किसी का ध्यान नहीं गया कि यहां पर श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापना करने की योजना थी, जिसकी आज्ञा स्वयं बाबा ने दी थी। साईं के समाधि स्थल पर साईं प्रतिमा का अनावरण बाबा की 36वीं पुण्यतिथि पर 7 अक्टूबर 1954 को किया गया।
 

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  • Web Title:Sai baba image appears on wall of Dwarkamai in Shirdi temple