सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट अभ्यास 15 को

हिन्दुस्तान, साहिबगंज
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साहिबगंज में 15 जुलाई को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल और एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास होगा। इसका उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया का परीक्षण करना है। यह अभ्यास विभिन्न आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को प्रशिक्षित करने का महत्वपूर्ण कदम है।

सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एवं ब्लैकआउट अभ्यास 15 को

साहिबगंज। जिले में व्यापक स्तर पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल व एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास होगा। इस सिलसिले में डीसी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में रविवार को समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में सिविल डिफेंस एयर रेड ब्लैक आउट मॉक एक्सरसाइज के सफल आयोजन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में एसपी अमित कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद थे। डीसी ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर आगामी 15 जुलाई (बुधवार) को जिले में व्यापक स्तर पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल व एयर रेड ब्लैकआउट अभ्यास होगा। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी हवाई हमले के खतरे अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा, प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया तथा विभिन्न एजेंसियों के समन्वय की प्रभावशीलता का परीक्षण करना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में आपदा एवं आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का जागरूक एवं प्रशिक्षित होना आवश्यक है। यह मॉक ड्रिल नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरुकता विकसित करने तथा संकट की घड़ी में सही निर्णय लेने की क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिले में यह अभ्यास साहिबगंज शहर के स्टेडियम रोड पर स्थित संध्या कॉलेज, साहिबगंज प्रखंड कार्यालय परिसर व साहिबगंज रेलवे स्टेशन परिसर में शाम 4:00 बजे से रात 9:00 बजे के बीच किया जाएगा, जहां विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक वातावरण तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में डीसी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से मॉक ड्रिल संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान नागरिकों को सायरन प्रणाली, सुरक्षित स्थानों तक निकासी, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्य तथा आपदा के समय अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी। डीसी ने निर्देश दिया कि मॉक ड्रिल के सफल संचालन के लिए जिला कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा । कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस अभ्यास में सहभागिता कर सकें और आपदा प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारियों से लाभान्वित हों। बैठक में अपर समाहर्ता विजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद आनंद सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.

मॉक ड्रिल का उद्देश्य

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है की यह मॉक ड्रिल एक पूर्व नियोजित अभ्यास है । इसका उद्देश्य जनमानस को सतर्क, जागरूक और तैयार करना है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस महत्त्वपूर्ण पहल में सहयोग करें, शांत रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन को सहयोग दें। यह अभ्यास हवाई हमले अथवा अन्य किसी गंभीर आपदा की स्थिति में आम नागरिकों की तत्परता, सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता और जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया को परखने के लिए किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को जागरुक और तैयार बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल की रक्षा सुनिश्चित की जा सके.

ड्रिल के मुख्य घटक: क्या-क्या होगा इस अभ्यास में?

1. सायरन बजाना: हवाई हमले की चेतावनी के रूप में सायरन बजाए जाएंगे। इससे नागरिकों को आपात स्थिति की जानकारी दी जाएगी।

2. ब्लैकआउट अभ्यास: कुछ समय के लिए घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की बिजली बंद रखने की अपील की गई है। कृपया इन्वर्टर, कृत्रिम लाइट या अन्य विद्युत उपकरणों का प्रयोग न करें।

3. नागरिकों की निकासी प्रक्रिया: चिन्हित सुरक्षित स्थानों जैसे मजबूत इमारतों के आंतरिक कमरों में जाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा।

4. प्रशिक्षण व डेमो प्रदर्शन: डेमो आपदा परिस्थिति का आयोजन किया जाएगा, जहाँ आपात स्थिति में बचाव कार्य कैसे किया जाता है, इसका प्रदर्शन किया जाएगा।

5. संयुक्त भागीदारी: जिला पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस एवं स्वयंसेवी संगठन इस अभ्यास में सक्रिय भाग लेंगे।

6. शैडो कंट्रोल रूम की स्थापना: एक शैडो कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पूरे अभ्यास की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। आपात स्थिति में नागरिकों को सहायता और मार्गदर्शन यहीं से प्रदान किया जाएगा।

7. ड्रोन निगरानी: ब्लैकआउट के दौरान ड्रोन से क्षेत्रीय निगरानी की जाएगी, ताकि अभ्यास की वास्तविकता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

8. वीडियो रिकॉर्डिंग व विश्लेषण: पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की जाएगी और आगामी दिनों में इसका विश्लेषण कर जिले के सिविल डिफेंस प्लान को और मजबूत किया जाएगा.

नागरिकों के लिए सुझाव व अपील

- सायरन बजने पर घबराएं नहीं, यह केवल एक अभ्यास है।

-अपने घरों की बिजली बंद रखें और कृत्रिम प्रकाश का प्रयोग न करें।

-सुरक्षित स्थान की पहचान पहले से कर लें और परिवार को भी जागरुक करें।

-रेडियो, टीवी अथवा सरकारी मोबाइल ऐप्स से आधिकारिक सूचना प्राप्त करते रहें।

-किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

-इस अभ्यास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें .

चिन्हित स्थल जहां मॉक ड्रिल होगा:

-प्रखंड कार्यालय (4:00 बजे अपराह्न)

-संध्या कॉलेज (4:00 बजे अपराह्न)

-साहिबगंज रेलवे स्टेशन (8:00 बजे अपराह्न)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य जनमानस को सतर्क, जागरूक और तैयार करना है।

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